
रांची. साउथ अफ्रीका (South Africa) के खिलाफ रांची ओडीआई (ODI) में विराट कोहली (Virat Kohli) ने बल्ले से कमाल का प्रदर्शन किया. कोहली ने 11 चौके और सात छक्के की मदद से 120 गेंदों का सामना करते हुए 135 रन बनाए. कोहली की शतकीय पारी के दम पर भारतीय टीम ने 8 विकेट पर 349 रन बनाए. जवाब में साउथ अफ्रीकी टीम 332 रनों पर सिमट गई और टीम इंडिया ने 17 रनों से मैच जीत लिया. विराट कोहली को ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया.
विराट कोहली ने मैच के बाद उन अफवाहों पर रोक लगा दी है, जिसमें दावा किया जा रहा था कि वह संन्यास वापस आकर फिर से टेस्ट क्रिकेट खेल सकते हैं. हाल ही में भारतीय टीम को साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में 0-2 से क्लीन स्वीप झेलनी पड़ी, जिसके बाद यह चर्चा तेज हो गई थी. कोहली ने जोर देकर कहा कि वो सिर्फ एक ही फॉर्मेट में भारत के लिए खेल रहे हैं. कोहली ने ये भी कहा कि वो जब भी खेलते हैं, अपना बेस्ट देने की कोशिश करते हैं.
विराट कोहली ने प्रेजेंटेशन सेरेमनी के दौरान कहा, ‘आज इस तरह से गेम में उतरना मेरे लिए बहुत अच्छा रहा. शुरुआत में 20-25 ओवर तक पिच काफी अच्छी थी, उसके बाद थोड़ा स्लो हो गई. मैंने लगा कि मैदान पर जाऊं और गेंद को हिट करूं, बाकी चीजों के बारे में ज्यादा ना सोचूं. गेंद मेरी तरफ आ रही थी और मैं खेल का आनंद ले रहा था. जब आपको शुरुआत मिल जाती है और आप सेट हो जाते हैं, तो आपको पता चलता है कि आपने इतने सालों में क्या किया है. कई सालों का अनुभव काम आता है और आप परिस्थिति को समझकर अपनी पारी को आगे बढ़ा लेते हैं.’
विराट कोहली कहते हैं, ‘मैं ज्यादा प्रैक्टिस करने में यकीन नहीं करता. मेरा खेल हमेशा मानसिक रहा है. मैं रोज शारीरिक रूप से कड़ी मेहनत करता हूं. वो अब क्रिकेट से ज्यादा मेरी लाइफस्टाइल है. जब तक मेरी फिटनेस, मानसिक तेजी और खेल का मजा बना रहता है, मुझे पता होता है कि मैं तैयार हूं. जब आप खेल की कल्पना कर सकते हैं, खुद को जोर से दौड़ते और गेंद पर तेजी से प्रतिक्रिया करते हुए देख सकते हैं, तो आप जानते हैं कि सब ठीक है. मेरा मतलब है कि जिस दिन खेल शुरू होगा और आपको शुरुआत मिलेगी, आप कुछ रन बना पाएंगे.’
क्या भूख अभी भी उतनी ही है?
इसे लेकर विराट कोहली ने कहा, ‘हां, मैंने कई बार कहा है. अगर मैं कहीं पहुंच रहा हूं, तो 120 प्रतिशत लेकर पहुंचता हूं. मैं रांची इसलिए जल्दी पहुंचा कि मैं बस कंडीशन्स को समझना चाहता था. दिन में दो सेशन और शाम में एक सेशन बैटिंग की और खुद को तैयार कर लिया. मैच से एक दिन पहले मैंने आराम किया, मैं 37 का हूं, रिकवरी भी ज़रूरी है. मैं खेल को अपने दिमाग में बहुत विजुअलाइज करता हूं. जब मुझे लगता है कि मैं उतना ही तेज, उतना ही इन्टेन्स हूँ, फील्डर्स को चुनौती दे सकता हूँ, तो मुझे समझ आता है कि मैं अच्छे स्पेस में हूं.’
क्या आप आगे भी सिर्फ एक फॉर्मेट ही खेलेंगे?
विराट कोहली ने इस सवाल पर कहा, ‘हां, ऐसा ही हमेशा रहेगा. मैं बस एक फॉर्मेट में ही खेल रहा हूं.’
विराट कोहली कहते हैं, ‘मैंने 300 से ज्यादा ओडीआई खेले हैं और 15-16 साल का अनुभव है. अगर आप खेल के संपर्क में हैं, आप अभ्यास के दौरान जब गेंदें हिट कर रहे होते हैं, तो आपकी सजगता अच्छी होती है. आप डेढ़ या दो घंटे बिना रुके नेट्स में बैटिंग कर सकते हैं, फिटनेस बढ़िया है और आप मानसिक रूप से तैयार हैं, तो सब अपने आप हो जाता है. फॉर्म अगर नीचे जाती है तो मैच चाहिए होते हैं, लेकिन जब आप गेंद को अच्छे से मार रहे होते हैं और खेल का मजा ले रहे होते हैं, तो अनुभव के सहारे सब ठीक चलता रहता है.’
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