
नई दिल्ली। अमेरिकी प्रतिबंधों से भारत के रूसी तेल आयात में एक तिहाई की कमी आई है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि दिसंबर में और गिरावट की उम्मीद है क्योंकि देश प्रतिबंधों का उल्लंघन करने से बचने के लिए विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।
रियल-टाइम डेटा एनालिटिक्स कंपनी केप्लर के अनुसार, महीने के दौरान रूस से आयात औसतन 18 लाख बैरल प्रतिदिन (bpd) रहा। यह देश के कुल कच्चे तेल आयात मिश्रण का 35% से अधिक है। यह स्तर अक्तूबर के 15 से 16 लाख bpd की तुलना में काफी अधिक है और पांच महीनों का उच्चतम स्तर माने जा रहे हैं।
रिटोलिया के मुताबिक, समयसीमा लागू होने के बाद आयात में कुछ सुस्ती दिखी है, क्योंकि रिफाइनरियों ने प्रतिबंध लागू होने के बाद प्रोसेसिंग के लिए पहले से पर्याप्त भंडार तैयार कर लिया था। वहीं 21 नवंबर के बाद प्रवाह घटकर लगभग 12.7 लाख bpd रह गया, जो पिछली महीने की तुलना में 5.7 लाख bpd कम है।
रिटोलिया के मुताबिक, मौजूदा लोडिंग और जहाजों की आवाजाही के आधार पर दिसंबर में आयात लगभग 10 लाख bpd रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि यह उस पूर्वानुमान के अनुरूप है, जिसमें अल्पकाल में रूसी तेल प्रवाह 8 लाख bpd तक घटने के बाद स्थिर होने की संभावना जताई गई थी।
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