
नई दिल्ली । भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर (External Affairs Minister S. Jaishankar) ने चेन्नई स्थित आईआईटी मद्रास (IIT Madras) में एक कार्यक्रम के दौरान अफगानिस्तान (Afghanistan) की मौजूदा स्थिति पर अपनी बात रखते हुए कहा है कि यह पड़ोसी देश फिलहाल एक कठिन दौर से गुजर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वहां कई ऐसी चुनौतियां हैं, जिनका समाधान निकाला जाना अभी बाकी है। इस दौरान एक पल ऐसा भी आया जब कार्यक्रम में मौजूद लोग हंसने को मजबूर हो गए। एक अफगानिस्तानी छात्र ने उनसे अफगानिस्तान को लेकर चल रही परियोजनाओं के बारे में जानने के लिए सवाल पूछा। जवाब देने से पहले जयशंकर ने मजाकिया लहजे में कहा- ‘मैं इन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं जानता हूं और न ही यह पहले से तय सवाल है।’ उनके इस जवाब से हॉल में मौजूद लोग हंस पड़े।
आपको बता दें कि अफगानिस्तानी छात्र ने विदेश मंत्री से उनकी और इस्लामिक अमीरात के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी की हालिया मुलाकात के बारे में सवाल पूछा था। छात्र यह जानना चाहता था कि इस बैठक का नतीजा क्या रहा और भारत का रुख अब क्या है।
अफगान छात्र शेर अली ने कहा कि वह शायद वहां मौजूद अकेला अफगान छात्र है। उसने गर्व से साझा किया कि अफगानिस्तान के विकास के लिए जिन छह परियोजनाओं पर हाल ही में भारत और अफगान नेतृत्व (मुत्तकी) के बीच चर्चा हुई थी, उनमें से चार परियोजनाओं को प्रस्तावित करने में उसकी भूमिका रही है। इसके बाद उसने सवाल पूछा कि अफगानिस्तान के छात्रों के लिए वीजा और ICCR स्कॉलरशिप की प्रक्रिया कब शुरू होगी?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि छात्र के साथ उनकी कोई पहले से जान-पहचान नहीं थी। और ना ही यह प्लांटेड सवाल है। जयशंकर ने अफगानिस्तान के साथ भारत के सदियों पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकारें और शासन आते-जाते रहते हैं, लेकिन भारत का दृष्टिकोण हमेशा जन-केंद्रित रहता है।
विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत, अफगानिस्तान को एक मुश्किल दौर से गुजरते हुए देख रहा है और इसीलिए विकास, स्वास्थ्य, वैक्सीन और भोजन जैसे मुद्दों पर सहयोग जारी है। उन्होंने छात्र को आश्वासन दिया कि उनकी अफगान समकक्ष के साथ बहुत अच्छी चर्चा हुई है और वे इन मानवीय और शैक्षिक मुद्दों को हल करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
जयशंकर ने इस मुलाकात को ‘सकारात्मक’ बताते हुए कहा कि भारत, अफगानिस्तान के साथ अपने संबंधों को मानवीय और विकास के आधार पर आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने बताया कि बैठक के दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई और भारत वहां के लोगों की मदद के लिए प्रतिबद्ध है। विदेश मंत्री ने उन खास क्षेत्रों का भी जिक्र किया जहां भारत सक्रिय रूप से काम कर रहा है।
जयशंकर के मुताबिक, भारत अफगानिस्तान में बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं में सहयोग, वहां भुखमरी के संकट को देखते हुए अनाज और अन्य खाद्य सामग्री की आपूर्ति और दवाइयों के साथ-साथ चिकित्सा सुविधाओं के जरिए अफगान नागरिकों की मदद कर रहा है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved