
नई दिल्ली । कर्नाटक (Karnataka) के गडग में अपनी वास्तुकला विरासत के लिए मशहूर गांव लक्कुंडी (Lakkundi village) में एक घर के विस्तार के लिए नींव खोदते समय मिला सोना (Gold) ‘खजाना नहीं है’। एएसआई (ASI) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) धारवाड़ सर्कल के वरिष्ठ पुरातत्वविद् रमेश मुलिमानी (Senior archaeologist Ramesh Mulimani) ने सोने से भरा तांबे का बर्तन मिलने के एक दिन बाद उस जगह का दौरा किया।
मुलिमानी ने कहा, ‘यह कोई खजाना नहीं है… यहां से मिले कई गहने टूटे हुए हैं। वे घर के किचन में मिले थे। पहले, हमारे पूर्वज गहनों को किचन के चूल्हे के पास गाड़कर छिपाते थे… यह पहले एक चलन था और अब जो मिला है, वह भी वैसा ही लगता है।’ उन्होंने कहा, ‘गहने कितने पुराने है इसका पता लगाना जरूरी है। कई टूटे हुए हैं। अगर सिक्के मिलते, तो हम अंदाजा लगा पाते कि वे किस समय के थे।’
उन्होंने कहा कि सोने को अब राजकोष में सुरक्षित रखा गया है। सरकार ने 470 ग्राम सोने को अपने कब्जे में ले लिया है जिसमें हार, चूड़़ी और झुमके जैसे अलग-अलग तरह के गहने शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, आठवीं कक्षा के एक छात्र ने तांबे के बर्तन में गहने देखे।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) रोहन जगदीश ने शनिवार को संवाददाताओं से कहा, ‘लड़के ने ईमानदारी से गांव के बड़े-बुजुर्गों को बताया। जानकारी मिलते ही अलग-अलग विभाग के अधिकारी और जांच करने वाले मौके पर पहुंचे। बर्तन में 22 चीजें रखी थीं, जिन्हें कब्जे में ले लिया गया है।’
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