वाशिंगटन। क्रेमलिन (Kremlin) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) एक बात पर पूरी तरह सहमत नजर आ रहे हैं। यूक्रेन में चल रहे युद्ध को खत्म करने वाले किसी भी संभावित शांति समझौते में असली रुकावट रूस (Obstacle in the peace agreement) की तरफ से नहीं, बल्कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) की वजह से है। क्रेमलिन ने गुरुवार को कहा कि रूस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस बात पर सहमत है कि यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने के लिए संभावित शांति समझौते में बाधा रूस की तरफ से नहीं, बल्कि यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की वजह से है।
दरअसल, ट्रंप ने रॉयटर्स से बात करते हुए यह आकलन व्यक्त किया था, जो यूरोपीय सहयोगियों के विचारों के विपरीत था। यूरोपीय अधिकारी लगातार तर्क देते रहे हैं कि मॉस्को को लड़ाई खत्म करने में बहुत कम रुचि है और वह पश्चिमी प्रतिबंधों को टालते हुए जितना संभव हो उतना क्षेत्र पर कब्जा करना चाहता है।
वहीं, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने पत्रकारों से पूछे जाने पर कि क्या वे ट्रंप से सहमत हैं? उन्होंने साफ-साफ कहा कि हां, मैं सहमत हूं, वास्तव में यही स्थिति है। राष्ट्रपति पुतिन और रूसी पक्ष वार्ता के लिए तैयार हैं। रूस का रुख सर्वविदित है। यह अमेरिकी वार्ताकारों, राष्ट्रपति ट्रंप और कीव सरकार के नेतृत्व को भी अच्छी तरह पता है।
दरअसल, रूस वर्तमान में यूक्रेन के लगभग पांचवें हिस्से पर नियंत्रण रखता है, जिसमें 2014 में कब्जा किया गया क्रीमिया प्रायद्वीप भी शामिल है। मॉस्को चाहता है कि कीव डोनेट्स्क क्षेत्र के उन हिस्सों से अपनी सेना वापस बुला ले, जिन पर रूस का नियंत्रण नहीं है लेकिन जिन पर रूस अपना दावा करता है। यूक्रेन ने मॉस्को को क्षेत्र सौंपने के विचार को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है और मौजूदा मोर्चों पर लड़ाई रोकने की मांग कर रहा है। अमेरिका ने यूक्रेन द्वारा सेना वापस बुलाने की स्थिति में एक मुक्त आर्थिक क्षेत्र का प्रस्ताव दिया है।
हाल के हफ्तों में अमेरिका के नेतृत्व वाली बातचीत मुख्य रूप से संभावित शांति समझौते के बाद युद्ध के बाद के यूक्रेन के लिए सुरक्षा गारंटी पर केंद्रित रही है, हालांकि कुछ यूरोपीय अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि पुतिन द्वारा कुछ शर्तों को मानने की संभावना बहुत कम है। पिछले महीने रूस पर यूक्रेन द्वारा पुतिन के आवास पर हमला करने की कोशिश का आरोप लगाने के बाद वार्ता को और झटका लगा, जिसे कीव ने झूठा करार दिया है।
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