
नई दिल्ली. अमेरिका (America) और ईरान (Iran) के बीच तनाव एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति (US President) डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने शनिवार को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के शासन को समाप्त करने की खुली वकालत करते हुए कहा कि अब ईरान में नई लीडरशिप की जरूरत है. यह बयान ऐसे समय आया है, जब खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ट्रंप पर ईरान में हिंसक अशांति भड़काने का आरोप लगाया था.
पोलिटिको से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “अब समय आ गया है कि ईरान के लिए नई लीडरशिप के बारे में सोचा जाए.” उन्होंने खामेनेई के उन बयानों पर प्रतिक्रिया दी, जिनमें ईरानी सर्वोच्च नेता ने हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा और मौतों के लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया था. खामेनेई ने अपने पोस्ट में अमेरिका और इजरायल पर आरोप लगाया कि दोनों देशों से जुड़े समूहों ने आगजनी, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और जानबूझकर अराजकता फैलाने का काम किया.
ईरान में 28 दिसंबर 2025 से आर्थिक बदहाली के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शन धीरे-धीरे इस्लामिक रिपब्लिक में धार्मिक शासन को खत्म करने की मांग में बदल गए. मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि बीते तीन हफ्तों में हजारों प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है. इसको लेकर ट्रंप पहले ही ईरान को चेतावनी दे चुके हैं कि अगर प्रदर्शनकारियों को फांसी दी गई तो अमेरिका “बहुत कड़ा कदम” उठा सकता है.
हालांकि शुक्रवार को ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा था कि ईरानी नेतृत्व ने सामूहिक फांसी की योजना रोक दी है, जबकि ईरान ने ऐसे किसी इरादे से इनकार किया.
खामेनेई के आरोपों पर पलटवार करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान का नेतृत्व डर और हिंसा के सहारे शासन कर रहा है. उन्होंने कहा, “एक नेता के तौर पर वह अपने ही देश को तबाह कर रहे हैं और सत्ता में बने रहने के लिए हजारों लोगों को मार रहे हैं.” ट्रंप ने खामेनेई को व्यक्तिगत तौर पर भी निशाने पर लेते हुए उन्हें शासन के अयोग्य बताया और कहा कि नेतृत्व सम्मान से चलता है, डर और मौत से नहीं.
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