
नई दिल्ली: मतदाता सूची (Voter List) के स्पेशल इंसेटिव रिवीजन (SIR) को लेकर विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) ने बुधवार को दिल्ली में आयोजित लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन-2026 ( IICDEM 2026) में साफ कहा कि बिहार में गलत नाम जुड़ा नहीं, सही नाम हटा नहीं. दुनिया के देशों के चुनाव प्रबंधन प्रतिनिधियों के सामने बिहार में SIR की प्रक्रिया को मुख्य चुनाव आयुक्त ने बिल्कुल सही ठहराया और बिहार में सफल SIR का उदाहरण दिया.
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है. भारत का लोकतंत्र 600 बीसी पहले शुरू हुआ है. पिछला लोकसभा चुनाव में 2 करोड़ लोगों ने चुनाव करने में भाग लिया. उन्होंने कहा कि बूथ लेवल ऑफिसर चुनावी लोकतंत्र का सबसे मजबूत स्तंभ है. उन्होंने कहा कि कानून के मुताबिक चुनाव के पहले वैध मतदाता सूची बनाना जरूरी है. ये सुनिश्चित करना जरूरी है कि कोई सही नाम मतदाता सूची से न काटने पाए और नहीं कोई गलत नाम जुड़ने पाए. शुद्ध मतदाता सूची लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए और चुनाव के लिए आवश्यक है.
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