
नई दिल्ली। मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) ने अपने कारोबार में बड़ा बदलाव किया है। रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) ने 16 स्टेप-डाउन पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कंपनियों (Subsidiary companies) को अपनी क्लीन-एनर्जी शाखा, रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड में मिला दिया है। यह विलय 21 जनवरी 2026 से प्रभावी हो गया है।
किन कंपनियों का विलय?
रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड के अंतर्गत विलय की गई कंपनियों में पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रोलाइज़र निर्माण, एनर्जी स्टोरेज, कार्बन फाइबर सिलेंडर, हाइड्रोजन फ्यूल सेल और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं से जुड़ी इकाइयां शामिल हैं। इनमें रिलायंस पावर इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, रिलायंस इलेक्ट्रोलाइजर मैन्युफैक्चरिंग लिमिटेड, रिलायंस ग्रीन हाइड्रोजन एंड ग्रीन केमिकल्स लिमिटेड, रिलायंस न्यू एनर्जी स्टोरेज लिमिटेड, रिलायंस हाइड्रोजन इलेक्ट्रोलिसिस लिमिटेड, रिलायंस हाइड्रोजन फ्यूल सेल लिमिटेड, कच्छ न्यू एनर्जी प्रोजेक्ट्स लिमिटेड सहित कालंबोली स्थित तीन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियां भी शामिल हैं।
कैसे रहे तिमाही नतीजे
चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में रिलायंस इंडस्ट्रीज का नेट प्रॉफिट मामूली रूप से बढ़कर 18,645 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी ने 18,540 करोड़ रुपये का मुनाफा अर्जित किया था। कंपनी ने कहा कि जीएसटी दरों में कटौती, उपभोक्ता उत्पाद कारोबार के अलग होने और त्योहारों की खरीद दो तिमाहियों में बंट जाने के कारण खुदरा कारोबार की आय में वृद्धि सीमित रही। हालांकि, ऊर्जा और डिजिटल कारोबार में मजबूत मार्जिन से मिले लाभ ने इस असर की काफी हद तक भरपाई कर दी।
जियो और रिटेल कारोबार का हाल
डिजिटल और दूरसंचार कारोबार वाली इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स का राजस्व करीब 13 प्रतिशत बढ़ा। इसकी वजह ग्राहकों के जुड़ाव में मजबूती, प्रति उपभोक्ता औसत आय (एआरपीयू) में सुधार और डिजिटल सेवाओं का विस्तार रहा। जियो प्लेटफॉर्म्स का लाभ 11.2 प्रतिशत बढ़कर 7,629 करोड़ रुपये हो गया। तिमाही के दौरान इसके ग्राहकों की संख्या बढ़कर 51.53 करोड़ हो गई, जबकि प्रति ग्राहक औसत राजस्व बढ़कर 213.7 रुपये हो गया। वहीं, रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड का दिसंबर तिमाही का मुनाफा 2.7 प्रतिशत बढ़कर 3,551 करोड़ रुपये रहा। वहीं, कंपनी का कुल राजस्व 8.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 97,605 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। देश की सबसे बड़ी खुदरा विक्रेता कंपनी ने विस्तार की प्रक्रिया जारी रखते हुए दिसंबर तिमाही में 431 नए स्टोर खोले।
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