
इन्दौर। लोक परिवहन को बढ़ावा देना, पैदल और साइकिल चालकों के लिए सुरक्षित मार्ग व क्रॉसिंग बनाना और निजी वाहनों के उपयोग को कम करना ही यातायात सुधार का मूल समाधान है। हर परिवार में कई गाडिय़ां होने के बावजूद लोगों की ‘क्वालिटी ऑफ लाइफ’ घट रही है और प्रदूषण बढ़ रहा है। प्रोजेक्टर की मदद से अध्ययन के निष्कर्ष और शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए।
स्वच्छता में आठ बार नंबर वन का खिताब जीतने वाला इंदौर आज भी यातायात की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। इसी मुद्दे पर ‘झंडा ऊंचा रहे हमारा अभियान’ के तहत संस्था सेवा सुरभि और इंदौर प्रेस क्लब की सहभागिता से राजेंद्र माथुर सभागृह में ‘शहर का यातायात: परिदृश्य और समाधान’ विषय पर परिचर्चा आयोजित की गई। इसमें बेंगलुरु के इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड रिसर्च सेंटर के यातायात विशेषज्ञ आशीष वर्मा ने शहर के लिए अहम सुझाव दिए। कार्यक्रम में सांसद शंकर लालवानी, वरिष्ठ पत्रकार अमित मंडलोई, संस्था सेवा सुरभि के संयोजक ओमप्रकाश नरेड़ा, अतुल सेठ, एसजीएसआईटीएस के डायरेक्टर नितेश पुरोहित और प्रेस क्लब अध्यक्ष दीपक कर्दम ने दीप प्रज्वलन कर शुभारंभ किया। अतिथियों का स्वागत प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, कीर्ति राणा, मोहन अग्रवाल, डॉ. सचिन नारोलकर, संजय त्रिपाठी और निकेतन सेठ ने किया।
हम हर दिन प्रदूषण अंदर खींच रहे हैं, इंदौर दूसरी दिल्ली न बन जाए
उन्होंने कहा कि जब जीवन में शुद्ध हवा और शुद्ध पानी ही नहीं होंगे तो स्टैण्डर्ड ऑफ लिविंग का क्या मतलब। आज सिंगापुर के हर आदमी की इनकम हमारे देश के किसी सीईओ से ज्यादा है। इसके बाद भी वहां के लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग भी करते हैं और यातायात नियमों का पालन भी करते हैं। हमारे देश में हर शहर में हर जगह सडक़ें खुदी पड़ी हुई हैं। कहीं जाने के लिए घंटों ट्रैफिक में फंसे या खड़े रहना पड़ता है। साइकिल वाले बहुत मुश्किल से दिखाई देते हैं। इन तमाम व्यस्थाओं को हमें समझना और बदलना होगा। हमें समझना होगा कि हमें ्कवालिटी ऑफ लाइफ चाहिए या स्टैण्डर्ड ऑफ लाइफ? आज हमारे परिवारों की स्थिति यह है कि हर फैमिली मेम्बर के पास अपनी अलग गाड़ी है पर क्वालिटी ऑफ लाइफ किसी के पास नहीं है। इन गाडिय़ों की वजह से हम हर दिन इतना प्रदूषण अंदर खींच रहे हैं, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि केवल बसों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि साइकिल, पैदल और अन्य सार्वजनिक परिवहन विकल्पों को भी अपनाना होगा, अन्यथा दिल्ली जैसी प्रदूषण स्थिति इंदौर में भी बन सकती है। इस अवसर पर शिक्षाविद डॉ. एस.एल. गर्ग, राजकुमार जैन, सुनील अजमेरा, अखिलेश जैन, विवेक तिवारी, हरेराम वाजपेयी सहित बड़ी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक मौजूद रहे। परिचर्चा का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
आज शहर जलाएगा अनाम शहीदों के नाम मोमबत्ती
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आज शहीदों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। शाम 6 बजे दुआ सभागृह में समुद्र तल से 23,350 फीट ऊंचाई पर बर्फीले तूफान में शहीद हुए देवास जिले के वीर सैनिक संजय मीणा के परिजनों का सम्मान होगा। इसके बाद शाम 7.30 बजे रीगल चौराहा स्थित इंडिया गेट पर शहरवासी अनाम शहीदों के नाम मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। संस्था ने नागरिकों से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शहीदों को नमन करने की अपील की है।
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