
भोपाल । वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ (Senior Congress leader Kamalnath) ने कहा कि मताधिकार छीनने के नौ हजार से अधिक फर्जी आवेदन (Over 9000 fake applications for Disenfranchisement) भोपाल में सामने आए (Have surfaced in Bhopal) ।
राजधानी भोपाल में नाम कटवाने के लिए फर्जी आवेदनों का मामला सामने आने पर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर फर्जीवाडा रुकने का नाम नहीं ले रहा है। मध्य प्रदेश में ऐसे बहुत से मामले सामने आए हैं जहां लोगों ने दूसरों के नाम से फॉर्म सात भरके मतदाता सूची में मौजूद नाम काटने के लिए आवेदन किया है। उन्होंने कहा कि अकेले भोपाल में ही इस तरह के नौ हजार से अधिक मामले सामने आए हैं।
फॉर्म सात के जरिए इस तरह से नाम कटने के फर्जी आवेदन देश के मतदाता के अधिकार को छीनने का एक सुनियोजित षड्यंत्र है। उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा की गई व्यवस्था का जिक्र करते हुए कहा कि जब चुनाव आयोग द्वारा तैनात बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता की जांच कर रहे हैं तो उन्हीं को सुनिश्चित करना चाहिए कि कौन वहां रह रहा है या नहीं। उन्होंने आगे कहा कि गैर सरकारी व्यक्तियों को किसी का भी नाम कटवाने का आवेदन देकर चुनाव आयोग ने वैध मतदाता के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। वोट चोरी के षड्यंत्र को हर हाल में खत्म करने की जरूरत है।
दरअसल, राजधानी में लगभग नौ हजार ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें फर्जी आवेदनों के जरिए मतदाता के नाम काटने को कहा गया है। इसे प्रशासन ने भी गंभीरता से लिया है और पूरे मामले की जांच की बात कही है। कांग्रेस ने इस मामले को लेकर एक तरफ चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं, वहीं वोट चोरी को लेकर भाजपा को घेरने की कोशिश की है।
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