
इंदौर। पंजीयन विभाग आगामी वित्त वर्ष की गाइडलाइन बनाने की प्रक्रिया में जुटा है। वरिष्ठ जिला पंजीयक और जिला मूल्यांकन समिति की संयोजक मंजुलता पटेल के मुताबिक नई लोकेशन जोडऩे के लिए आवेदन बुलवाए गए हैं। इसके लिए नगर तथा ग्राम निवेश का मंजूर नक्शा, रेरा पंजीयन और अन्य वैध अनुमतियां लगेंगी, तभी नई कॉलोनी या प्रोजेक्ट को शामिल किया जा सकेगा।
भोपाल मुख्यालय से मिले निर्देश के तहत वर्ष 2026-27 के लिए अचल सम्पत्तियों की गाइडलाइन तैयार की जा रही है। दूसरी तरफ 91 कॉलोनियों को मंजूरी मिल गई है और उनकी रजिस्ट्रियां वर्तमान गाइडलाइन पर ही शुरू हो सकेंगी। वरिष्ठ जिला पंजीयक अमरेश नायडू के मुताबिक, 101 कॉलोनियों की सूची भोपाल मुख्यालय भेजी थी, वहां से 10 कॉलोनियों को अनुमति नहीं मिली। मगर जिन 91 को अनुमति मिल गई है, उनकी डिटेल सम्पदा-2 पोर्टल पर डाली जा रही है और संभवत: सोमवार से इन कॉलोनियों में वर्तमान गाइडलाइन के आधार पर ही रजिस्ट्रियां होने लगेंगी। इससे विभाग को भी 40 से 50 करोड़ रुपए का अतिरिक्त राजस्व हासिल हो जाएगा।
जो नई कॉलोनियां शामिल की गई है वे भी बिचौली हप्सी, कनाडिय़ा, हातोद, सांवेर, मल्हारगंज तहसील, इंदौर तहसील, देपालपुर क्षेत्र में शामिल है। वहीं गोदरेज द्वारा जो सांवेर रोड पर कॉलोनी लाई जा रही है उसे अवश्य अभी मंजूरी नहीं मिली। यहां पर लगभग 18 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर की दर है, जबकि विभाग ने 40 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर का प्रस्ताव भिजवाया था। हालांकि सूत्रों का कहना है कि कम्पनी द्वारा 60 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर की दर से बुकिंग की जा रही है। नायडू के मुताबिक, 91 कॉलोनियों को मंजूरी मिलने से आने वाले दिनों में रजिस्ट्रियों की संख्या में भी वृद्धि होगी, क्योंकि इन कॉलोनियों में भूखंड खरीदने वाले वर्तमान गाइडलाइन पर ही रजिस्ट्री करवा सकेंगे।
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