
संशोधित ड्राइंग-डिजाइन, मंत्री द्वारा बुलाई मीटिंग में लिए निर्णयों और हाईकोर्ट याचिका का फिलहाल कोई असर नहीं, अफसरों का भी दो टूक कहना- मुख्यमंत्री ने जो निर्णय लिया उसी अनुरूप होगा कॉरिडोर का निर्माण
मिट्टी परीक्षण की तैयारियां… पतरे लगाकर मार्ग रोका
इंदौर। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने एबी रोड (AB Road) पर एलआईजी (LIG) से नवलखा (Navlakha) तक बनने वाले 7400 मीटर लम्बे एलिवेटेड कॉरिडोर (elevated corridor) के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी है और अभी मिट्टी परीक्षण के लिए एक हिस्से में खम्भे गाढक़र पतरे भी लगा दिए हैं और 15 फरवरी से विधिवत कॉरिडोर का निर्माण फाउंडेशन के साथ शुरू हो जाएगा। दूसरी तरफ इस कॉरिडोर को लेकर बहस भी जारी है। ड्राइंग-डिजाइन में संशोधन, मंत्री द्वारा बुलाई बैठक में आए सुझावों के अलावा हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई है। बावजूद इसके पीडब्ल्यूडी अपने द्वारा तैयार प्रोजेक्ट के अनुसार ही फिलहाल काम कर रहा है और अफसरों का भी दो टूक कहना है कि मुख्यमंत्री ने जो निर्णय कॉरिडोर को लेकर लिया है उसी के अनुरूप मौके पर निर्माण होगा।
शहर के कई प्रोजेक्टों की तरह एलिवेटेट कॉरिडोर बीते 4 सालों से अधर में लटका है और अभी तक सुझाव ही दिए जा रहे हैं, जबकि पीडब्ल्यूडी 4 साल पहले ही इसके निर्माण का ठेका 300 करोड़ रुपए से अधिक की राशि में दे भी चुका है। कुछ समय पूर्व इंदौर विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण बैठक में इल एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण का निर्णय भी लिया गया था। इसी के मद्देनजर लोक निर्माण विभाग ने ना सिर्फ अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया, बल्कि अभी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा बुलाई बैठक में भी इस एलिवेटेड कॉरिडोर का प्रेजेंटेशन दिया गया। इसमें स्पष्ट कहा गया कि 15 फरवरी से इसका निर्माण शुरू कर दिया जाएगा और यही बात कलेक्टर शिवम वर्मा ने भी कही है। हालांकि इस बैठक में फोरलेन की बजाय सिक्स लेन में निर्मित करने के साथ कई अन्य सुझाव भी दिए गए हैं और 7 फरवरी को इसको लेकर एक और मीटिंग भी बुलाई गई है, वहीं दूसरी तरफ एक तथाकथित विशेषज्ञ, जो शहर के हर प्रोजेक्टों में टांग अड़ाते हैं, ने हाईकोर्ट में इस कॉरिडोर के निर्माण को रूकवाने संबंधी याचिका भी लगा दी है। उनके मुताबिक इस कॉरिडोर की आवश्यकता भी नहीं है, तो दूसरी तरफ बजाय एक लम्बा एलआईजी से नवलखा तक कॉरिडोर की बजाय अलग-अलग चौराहों पर फ्लायओवर बनाने का सुझाव भी आया है। मगर दूसरी तरफ आला अफसरों का स्पष्ट कहना है कि मुख्यमंत्री ने जो निर्णय लिया है उसी के अनुरूप कॉरिडोर बनेगा और फिलहाल पीडब्ल्यूडी की जो योजना है उसमें कोई संशोधन नहीं किया गया है। कोई अगर अच्छा सुझाव मिलेगा तो चलते प्रोजेक्ट में इस पर अमल किया जा सकता है। दूसरी तरफ पीडब्ल्यूडी ने प्रेस कॉम्प्लेक्स के सामने एबी रोड के हिस्से में खम्भे लगाकर पतरे भी ठोंक दिए हैं और पीडब्ल्यूडी का कहना है कि अभी मिट्टी परीक्षण का काम शुरू होगा और उसके बाद 15 फरवरी से फाउंडेशन का काम मौके पर शुरू कर दिया जाएगा, क्योंकि ठेकेदार फर्म ने भी अपने कैम्प के साथ-साथ प्लांट-मशीनरी की व्यवस्था कर ली है और विभाग ने भी सेंटर लाइन मार्किंग का काम कर लिया है। यह कॉरिडोर 7.40 किलोमीटर लम्बा यानी 7400 मीटर रहेगा और इसकी चौड़ाई 15.50 मीटर चार लेन की होगी। केन्द्र सरकार ने 350 करोड़ रुपए की राशि मंजूर कर रखी है और उसी आधार पर पीडब्ल्यूडी ने टेंडर बुलाकर राजकमल बिल्डर्स इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि. गुजरात को 306.27 करोड़ में इसका ठेका 4 साल पहले दिया था और 17 फरवरी 2021 को कार्यादेश जारी कर अनुबंध भी कर लिया। इस कॉरिडोर में तीन चौराहों पर भुजाएं उतरेंगी, जो कि गिटार चौराहा, रतलाम कोठी की तरफ और तीसरी भुजा व्हाइट हाउस की तरफ रहेगी।
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