
नई दिल्ली। 9 करोड़ (9 crore)के चेक बाउंस मामले में बेल मिलने के बाद अभिनेताराजपाल यादव( Rajpal Yadav)जेल से बाहर आ चुके हैं और अब धीरे धीरे अपनी सामान्य जिंदगी की ओर लौट रहे हैं। जेल से बाहर आते ही वह अपनी पत्नी राधा यादव (Radha Yadav) के साथ उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)के शाहजहांपुर (Shahjahanpur)पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी भतीजी की शादी में शिरकत की। परिवार के बीच लौटना उनके लिए किसी राहत से कम नहीं था।
मीडिया से बातचीत में राजपाल यादव ने जेल के दिनों को याद करते हुए बताया कि उनके लिए सबसे मुश्किल क्या था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि सबसे कठिन बात परिवार से दूर रहना था। उनका कहना था कि कैद की दीवारों से ज्यादा भारी वह दूरी थी, जो उन्हें अपनों से अलग कर रही थी। हालांकि उन्होंने खुद को टूटने नहीं दिया। उन्होंने जेल के रूटीन को अपनाया और मानसिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की।
राजपाल ने बताया कि वह सुबह जल्दी उठ जाते थे और ब्रीदिंग एक्सरसाइज करते थे। योग और ध्यान के जरिए उन्होंने अपने मन को स्थिर रखने की कोशिश की। उनका मानना है कि कठिन समय में मानसिक मजबूती ही सबसे बड़ा सहारा बनती है। जेल के भीतर का जीवन आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने उसे स्वीकार कर अपने भीतर अनुशासन विकसित किया।
कानूनी मामले पर बात करते हुए राजपाल यादव ने कहा कि यह मामला कई सालों से चल रहा है और उन्हें लगा कि इसे कानूनी तरीके से ही सुलझाना सही रास्ता है। उन्होंने भरोसा जताया कि न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही अंतिम समाधान निकलेगा। उनका कहना था कि वह कानून का सम्मान करते हैं और हर कदम विधिक दायरे में रहकर ही उठाना चाहते हैं।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान उनकी पत्नी राधा यादव भी मजबूती से उनके साथ खड़ी रहीं। राधा ने कहा कि वे लोग इस स्थिति को एक समय पर एक कदम के हिसाब से संभाल रहे हैं। उनके मुताबिक हर संभावित कानूनी और सम्मानजनक विकल्प पर विचार किया गया। कभी कभी समाधान केवल इच्छाशक्ति से नहीं बल्कि सही समय आने से भी मिलता है।
राजपाल यादव ने इंडस्ट्री और प्रशंसकों से मिले समर्थन पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि मुश्किल वक्त में लोगों का विश्वास और प्यार उनके लिए सबसे बड़ी ताकत बना। उनके अनुसार सम्मान मिलना, सुना जाना और समझा जाना किसी भी कलाकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है।
राधा यादव ने भी स्वीकार किया कि इस कठिन घड़ी में कई लोगों ने चिंता जताई और हौसला दिया। उन्होंने सभी का आभार व्यक्त किया और कहा कि उन्हें मिले हर सहयोग के लिए वे दिल से शुक्रगुजार हैं।
जेल से बाहर आने के बाद परिवार के बीच बिताया गया समय राजपाल यादव के लिए भावनात्मक रूप से बेहद खास रहा। कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है, लेकिन उनका आत्मविश्वास और संयम यह संकेत देता है कि वह इस चुनौती का सामना मजबूती से करेंगे। कठिन समय ने उन्हें तोड़ा नहीं, बल्कि भीतर से और मजबूत बनाया है।
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