
इंदौर। शहर (Indore City) का हृदय स्थल गांधी भवन (Gandhi Bhavan) आज रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। भाजपा (BJP) और कांग्रेस (Congress) के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए, जिससे स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन (वरुण वाहन) और बल का प्रयोग किया।
नारेबाजी से शुरू हुआ विवाद
हंगामा तब शुरू हुआ जब भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए गांधी भवन की ओर बढ़े। पुलिस ने उन्हें मच्छी बाजार चौराहे पर रोकने की कोशिश की, लेकिन कार्यकर्ता बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे।
भाजपा का रुख: कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नेतृत्व विधायक रमेश मेंदोला और युवा मोर्चा अध्यक्ष सौगात मिश्रा कर रहे थे।
कांग्रेस का पलटवार: दूसरी ओर से कांग्रेसियों ने “भाजपा की तानाशाही नहीं चलेगी” के नारे लगाए। कांग्रेस की ओर से चिंटू चौकसे, विपिन वानखेड़े, राजेश चौकसे और देवेंद्र यादव मोर्चा संभाले हुए थे।
हिंसक हुआ प्रदर्शन
देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों ओर से पानी की बोतलें फेंकी गईं। आरोप है कि कांग्रेसियों ने टमाटर फेंकने की आड़ में ईंट और पत्थरों से पथराव शुरू कर दिया। इस पथराव में ड्यूटी पर तैनात एक पुलिस अधिकारी और कवर कर रहे एक मीडियाकर्मी को गंभीर चोटें आई हैं। बिगड़ती स्थिति को देखते हुए गांधी भवन को पुलिस छावनी बना दिया गया। करीब 100 से अधिक पुलिस अधिकारी, ‘वज्र’ और ‘वरुण’ (वाटर कैनन) वाहन मौके पर तैनात किए गए।
अनोखा नजारा: पुलिस के पास माइक की कमी पड़ी, तो उन्होंने पास खड़े बैंड वालों की गाड़ी के लाउडस्पीकर का उपयोग कर कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी पुलिस ने वॉटर कैनन का उपयोग कर और हल्का बल प्रयोग करते हुए दोनों पक्षों को तितर-बितर किया।
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