
नई दिल्ली। ईरान (Iran) के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई (Ali Khamenei) की मौत की खबरों के बाद सोशल मीडिया पर एक और सनसनीखेज दावा तैरने लगा कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Prime Minister Benjamin Netanyahu)देश छोड़कर सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं। हालांकि इन दावों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और अलग-अलग स्रोतों से परस्पर विरोधी जानकारी सामने आ रही है।
शनिवार को जैसे ही इजरायल की ओर से तेहरान पर हमले की खबर आई, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कुछ अपुष्ट प्रोफाइल्स ने दावा किया कि नेतन्याहू ग्रीस भाग गए हैं। एक यूजर ने लिखा कि उनका विमान इजरायल के तट पर चार घंटे तक चक्कर लगाने के बाद ग्रीस की ओर उड़ गया। इन पोस्ट्स के बाद अटकलों का दौर तेज हो गया।
फ्लाइट डेटा ने बढ़ाया सस्पेंस
हालांकि विमानन ट्रैकिंग डेटा अलग तस्वीर पेश करता है। प्रधानमंत्री के आधिकारिक विमान ‘विंग ऑफ सियोन’ (रजिस्ट्रेशन नंबर 4X-ISR), जो बोइंग 767-338ER है, को फ्लाइट रडार पर ट्रैक किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह विमान बीरशेबा से रवाना होकर 28 फरवरी की रात जर्मनी की राजधानी बर्लिन में उतरा।
स्वतंत्र फ्लाइट ट्रैकर्स के मुताबिक विमान ने नेवाततियिम एयरबेस से दोपहर 12:10 बजे उड़ान भरी और लगभग चार घंटे तक इजरायली समुद्री तट के ऊपर चक्कर लगाने के बाद बर्लिन की ओर रुख किया। रात करीब 8:30 बजे इसके बर्लिन में लैंड करने की सूचना है। दिलचस्प बात यह है कि बर्लिन में नेतन्याहू की कोई आधिकारिक यात्रा पूर्व निर्धारित नहीं थी। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि उस समय वह विमान में सवार थे या नहीं। कुछ ऑनलाइन दावों में कहा गया कि ग्रीस ने लैंडिंग की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद विमान को जर्मनी भेजा गया।
फैक्ट-चेकर्स ने बताया अपुष्ट
इन दावों के बीच एआई चैटबॉट ‘Grok’ और अन्य फैक्ट-चेकर्स ने ऐसी खबरों को अपुष्ट और निराधार बताया है। उनके अनुसार नेतन्याहू ने शनिवार को इजरायल से ही एक वीडियो बयान जारी किया था, जिसमें उन्होंने ईरान पर हमलों और खामेनेई की मौत के संकेतों का जिक्र किया। अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों ने भी उनके देश छोड़ने की पुष्टि नहीं की है।
रहस्य बरकरार
उधर ईरान ने खामेनेई की मौत की पुष्टि कर दी है और उनका शव मिलने की बात कही है। इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी खामेनेई की मौत का दावा किया था।
इन घटनाक्रमों के बीच नेतन्याहू की वास्तविक लोकेशन को लेकर रहस्य बना हुआ है। क्या ‘विंग ऑफ सियोन’ को केवल सुरक्षा कारणों से बर्लिन भेजा गया या प्रधानमंत्री वास्तव में देश से बाहर हैं—इस पर इजरायली सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।
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