
नई दिल्ली :दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म पुरस्कारों (awards) में शामिल Academy Awards यानी ऑस्कर (Oscars) का इंतजार हर साल फिल्म प्रेमियों को बेसब्री (eagerness) से रहता है। यह सिर्फ एक अवॉर्ड समारोह (ceremony) नहीं बल्कि सिनेमा की दुनिया का सबसे बड़ा उत्सव (celebration) माना जाता है। हर साल जब यह भव्य समारोह आयोजित होता है तो पूरी दुनिया की नजरें इस पर टिकी रहती हैं। लेकिन ऑस्कर के चमकते मंच के पीछे कई ऐसी दिलचस्प कहानियां(Interesting Stories) और तथ्य छिपे हुए हैं जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं।
ऑस्कर का इतिहास करीब एक सदी पुराना है। इसका पहला समारोह 16 मई 1929 को Hollywood Roosevelt Hotel में आयोजित किया गया था। दिलचस्प बात यह है कि उस समय यह कोई बड़ा टीवी शो नहीं था बल्कि एक निजी डिनर पार्टी जैसा छोटा कार्यक्रम था जो सिर्फ 15 मिनट में खत्म हो गया था। उस समारोह में फिल्म Wings को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला था।
ऑस्कर के इतिहास में कई रिकॉर्ड भी बने हैं। मशहूर निर्माता और एनीमेशन के महान कलाकार Walt Disney ने सबसे ज्यादा 26 ऑस्कर जीतने का रिकॉर्ड बनाया है। वहीं सबसे कम उम्र में ऑस्कर जीतने का रिकॉर्ड अभिनेत्री Tatum O’Neal के नाम है जिन्होंने महज 10 साल की उम्र में फिल्म Paper Moon के लिए यह सम्मान हासिल किया था।
उम्र के मामले में एक और अनोखा रिकॉर्ड अभिनेता Christopher Plummer के नाम है जिन्होंने 82 साल की उम्र में ऑस्कर जीतकर इतिहास रच दिया। वहीं फिल्म निर्देशन के क्षेत्र में Kathryn Bigelow पहली महिला निर्देशक बनीं जिन्हें फिल्म The Hurt Locker के लिए ऑस्कर से सम्मानित किया गया।
ऑस्कर से जुड़े कुछ तथ्य बेहद हैरान करने वाले भी हैं। उदाहरण के लिए साउंड मिक्सर Kevin O’Connell को 20 बार नामांकन मिलने के बावजूद लंबे समय तक कोई ऑस्कर नहीं मिला था। वहीं अभिनेता Jack Nicholson सबसे ज्यादा बार नामांकित होने वाले कलाकारों में शामिल हैं।
ऑस्कर की ट्रॉफी भी अपने आप में खास है। इसे आमतौर पर सोने की चमकदार मूर्ति के रूप में देखा जाता है लेकिन एक समय ऐसा भी आया जब यह ट्रॉफी सोने की नहीं बल्कि प्लास्टर से बनाई गई थी। दरअसल World War II के दौरान धातु की भारी कमी हो गई थी। इस कारण तीन साल तक विजेताओं को प्लास्टर की मूर्तियां दी गईं जिन्हें बाद में असली धातु की ट्रॉफी से बदल दिया गया।
ऑस्कर के इतिहास में कुछ कलाकारों ने यह पुरस्कार लेने से भी इनकार कर दिया था। इनमें Marlon Brando, George C. Scott और Dudley Nichols शामिल हैं जिन्होंने व्यक्तिगत कारणों और राजनीतिक विरोध के चलते यह फैसला लिया था।
एक और रोचक बात यह है कि समारोह के दौरान अगर कोई सेलिब्रिटी अपनी सीट छोड़कर कहीं चला जाता है तो उसकी जगह खाली न दिखे इसके लिए सीट फिलर बैठाए जाते हैं ताकि टीवी प्रसारण के दौरान हॉल हमेशा भरा हुआ दिखाई दे।
फिल्मों की बात करें तो 1969 की फिल्म Midnight Cowboy ऑस्कर इतिहास की इकलौती एक्स रेटेड फिल्म है जिसे सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार मिला।
भारतीय सिनेमा की बात करें तो अब तक कुछ ही भारतीय फिल्मों को ऑस्कर में सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्म श्रेणी में नामांकन मिला है। इनमें Mother India, Salaam Bombay!, Lagaan और मराठी फिल्म Shwaas शामिल हैं। हालांकि अब तक किसी भारतीय फिल्म को इस श्रेणी में जीत हासिल नहीं हो पाई है।
करीब एक सदी के लंबे सफर में ऑस्कर अवॉर्ड ने सिनेमा के इतिहास के अनगिनत यादगार पल देखे हैं। यही वजह है कि हर साल यह समारोह सिर्फ पुरस्कारों का नहीं बल्कि फिल्म जगत की उपलब्धियों और प्रेरणादायक कहानियों का भी जश्न बन जाता है।
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