
पेशावर. पाकिस्तान (Pakistan) की तारीक-ए-इंसाफ (taarik-e-insaf) में आंतरिक कलह खुलकर सामने आ गई है। खैबर पख्तूनख्वा (Khyber Pakhtunkhwa) के कई नाराज विधायकों ने पार्टी नेतृत्व (Party Leadership) पर तीखा हमला बोलते हुए जेल में बंद संस्थापक इमरान खान (Imran Khan) की रिहाई के लिए प्रभावी प्रयास नहीं करने का आरोप लगाया है।
विधायकों ने की आपात बैठक
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, हालिया कैबिनेट विस्तार में पद नहीं मिलने से नाराज विधायकों ने पेशावर में एक आपात बैठक की और पार्टी अध्यक्ष बैरिस्टर गोहर अली को एक पत्र भेजा। पत्र में कहा गया कि इमरान खान की रिहाई और उनके स्वास्थ्य को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों में गहरी चिंता है।
खैबर पख्तूनख्वा सरकार के कामकाज पर उठे सवाल
पत्र में खैबर पख्तूनख्वा सरकार के कामकाज पर भी गंभीर सवाल उठाए गए। विधायकों ने भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, संसाधनों के कथित अनुचित वितरण और निर्वाचित प्रतिनिधियों से बिना सलाह लिए फैसले करने के आरोप लगाए। उन्होंने प्रशासन में पारदर्शिता, योग्यता आधारित व्यवस्था और संस्थागत अनुशासन लागू करने की मांग की।
नाराज नेताओं ने क्या मांग की?
नाराज नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे इमरान खान की विचारधारा और पार्टी के विजन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं व किसी गुट या व्यक्ति विशेष के एजेंडे का हिस्सा नहीं हैं। साथ ही उन्होंने इमरान खान समेत जेल में बंद पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए प्रभावी कानूनी सहायता तथा उनके परिवारों के समर्थन की व्यवस्था करने की भी मांग की।
कैबिनेट में जगह नहीं मिलने से विधायक असंतुष्ट
रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 20 विधायक कैबिनेट में जगह नहीं मिलने से असंतुष्ट हैं। इन विधायकों ने मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी द्वारा बुलाई गई संसदीय बैठक का बहिष्कार किया और इसके बजाय रावलपिंडी स्थित अदियाला जेल के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे।वहीं, पार्टी अध्यक्ष बरिस्टर गोहर अली ने फिलहाल इस आंतरिक विरोध पर सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। बताया जा रहा है कि वे इन दिनों पाकिस्तान-अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान में पार्टी के चुनाव अभियान में व्यस्त हैं।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved