
मुंबई । शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत (Shiv Sena (UBT) leader Sanjay Raut) ने कहा कि मोदी सरकार (Modi Government) संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है (Is weakening Constitutional Institutions) ।
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 साल के कार्यकाल पर सवाल उठाने के साथ ही, मौजूदा सरकार की तुलना पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की सरकार से किए जाने पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में राउत ने कहा, “आप लोग कह रहे हैं कि नरेंद्र मोदी सरकार ने 12 साल पूरे कर लिए हैं, लेकिन मेरा सीधा सवाल है कि इन वर्षों में आपने देश की जनता के लिए क्या किया? आपकी उपलब्धियां क्या हैं? आपने आज तक एक भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जनता से सीधा संवाद स्थापित करने की कोशिश नहीं की। इसके बावजूद अब आप इस सरकार की तुलना पंडित जवाहरलाल नेहरू की सरकार से कर रहे हैं, जिसका कोई औचित्य नहीं है। पंडित नेहरू ने इस देश को संवारने का काम किया, जिसे आज पूरा देश देख रहा है।” उन्होंने कहा, “इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि हर चीज की उम्र बढ़ती है। यहां तक कि धरती की भी उम्र बढ़ रही है। आप किसी भी चीज की उम्र को रोक नहीं सकते। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा था कि जब मैं 75 वर्ष का हो जाऊंगा, तब पद छोड़ दूंगा, लेकिन क्या उन्होंने ऐसा किया?”
राउत ने कहा कि पंडित नेहरू ने अपने कार्यकाल में संवैधानिक संस्थाओं को मजबूत करने का काम किया था। उन्होंने लोकतंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में एक रूपरेखा तैयार करने का प्रयास किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा केंद्र सरकार के नेतृत्व में संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि देश पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी जैसे नेताओं को कभी नहीं भूल सकता।
इंडी गठबंधन के भविष्य को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, “मैं इंडिया ब्लॉक का भविष्य अच्छा देखता हूं। हमें पूरा विश्वास है कि आने वाले दिनों में हम बेहतर प्रदर्शन करेंगे।” तृणमूल कांग्रेस में चल रहे कथित आंतरिक विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए राउत ने कहा, “अगर किसी के मन में बेईमानी का कीड़ा घुस गया है, तो हम क्या कर सकते हैं। हमने इसका अनुभव महाराष्ट्र में किया है। ममता बनर्जी को सामने आकर लोगों से कहना चाहिए कि जिसे हमारे साथ रहना है, वह रहे और जिसे जाना है, वह चला जाए।”
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री गिरीश महाजन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राउत ने कहा, “गिरीश महाजन ने जिस तरह इंदिरा गांधी के बलिदान और ऑपरेशन ब्लू स्टार को नकारने की कोशिश की है, वह देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है। इंदिरा गांधी ने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। महाराष्ट्र का एक मंत्री इंदिरा गांधी और ऑपरेशन ब्लू स्टार के खिलाफ बातें करता है। क्या यह प्रधानमंत्री मोदी को स्वीकार है? मैं आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री मोदी को इस संबंध में एक पत्र लिखने वाला हूं।”
संजय राउत ने राजेश मेहता से जुड़े प्रकरण पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने दावा किया, “लगभग 16 लाख करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है, जिसमें बहुत बड़ा हिस्सा भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) से जुड़ा है। यानी यह जनता का पैसा है। सारा पैसा सेल कंपनी से गया है। इस मामले में सभी लोग चुप हैं। यदि इसमें पाटिल, भोसले, देशमुख, राउत, नवाब मलिक या किसी अन्य विपक्षी नेता का नाम होता, तो लोग सड़क पर उतरकर आंदोलन करते। ईडी कार्यालय तक पहुंच जाते। लेकिन इतना बड़ा घोटाला सामने आने के बाद भी सभी चुप हैं।”
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