
नई दिल्ली । तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री (Telugu film industry)के लोकप्रिय अभिनेता और आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री(Deputy Chief Minister) पवन कल्याण (Pawan Kalyan) आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। फिल्मों में ‘पावर स्टार’ के नाम से प्रसिद्ध पवन कल्याण ने राजनीति(politics) में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। हालांकि बहुत कम लोग जानते हैं कि उनका चर्चित नाम ‘पवन कल्याण’ आखिर उन्हें कैसे मिला। हाल ही में एक बातचीत के दौरान उन्होंने अपने नाम के पीछे की दिलचस्प कहानी साझा की।
पवन कल्याण ने बताया कि उनका जन्म नाम ‘श्री कल्याण कुमार’ था। उनका नामकरण तिरुमाला देवस्थानम के भगवान योग नरसिम्हा मंदिर में हुआ था, जहां परिवार ने उनका नाम ‘श्री कल्याण कुमार’ रखा। बाद में जब उनका स्कूल में दाखिला हुआ, तो नाम से ‘श्री’ शब्द हटा दिया गया और पारिवारिक उपनाम जुड़ने के कारण उनका नाम ‘के. कल्याण कुमार’ हो गया।
उन्होंने बताया कि युवावस्था में उन्हें मार्शल आर्ट्स का काफी शौक था और वे इसके लिए कड़ी मेहनत करते थे। फिल्मों में आने से पहले उन्होंने लंबे समय तक मार्शल आर्ट्स का प्रशिक्षण लिया। इसी दौरान उन्होंने कई सार्वजनिक प्रदर्शनों में अपनी शारीरिक क्षमता और ताकत का प्रदर्शन भी किया।
पवन कल्याण के अनुसार, प्रशिक्षण के दिनों में वे अपनी छाती पर भारी वजन उठाने और कठिन स्टंट करने के लिए जाने जाते थे। प्रदर्शन के दौरान उनकी छाती पर भारी पत्थर की सिल्लियां रखकर उन्हें तोड़ा जाता था। उनकी शारीरिक शक्ति और साहस को देखकर उनके मार्शल आर्ट्स शिक्षक काफी प्रभावित हुए।
यहीं से उनके जीवन में एक नया मोड़ आया। उनके शिक्षक ने उनकी तुलना भगवान हनुमान से करते हुए कहा कि उनमें ‘पवन पुत्र हनुमान’ जैसी ऊर्जा, शक्ति और साहस दिखाई देता है। इसी भावना के साथ शिक्षक ने उनके नाम के आगे ‘पवन’ शब्द जोड़ दिया। इसके बाद ‘कल्याण कुमार’ धीरे-धीरे ‘पवन कल्याण’ के नाम से पहचाने जाने लगे।
समय के साथ यही नाम उनकी पहचान बन गया। जब उन्होंने फिल्मी दुनिया में कदम रखा, तब भी उन्होंने इसी नाम को अपनाया। देखते ही देखते पवन कल्याण तेलुगु सिनेमा के सबसे लोकप्रिय सितारों में शामिल हो गए। उनकी फिल्मों को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला और उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में एक अलग मुकाम हासिल किया।
फिल्मों में सफलता के बाद उन्होंने राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाई और अपनी पार्टी के जरिए जनता के बीच मजबूत आधार तैयार किया। आज वे आंध्र प्रदेश सरकार में उपमुख्यमंत्री के पद पर कार्यरत हैं और राज्य की राजनीति के प्रमुख चेहरों में गिने जाते हैं।
पवन कल्याण की यह कहानी केवल नाम बदलने की नहीं, बल्कि मेहनत, अनुशासन और व्यक्तित्व निर्माण की भी कहानी है। एक मार्शल आर्ट्स प्रशिक्षु से सुपरस्टार और फिर उपमुख्यमंत्री तक का उनका सफर लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत माना जाता है। उनके नाम के पीछे छिपी यह रोचक कहानी आज भी उनके प्रशंसकों के बीच उत्सुकता का विषय बनी हुई है।
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