
नई दिल्ली । आप नेता सौरभ भारद्वाज (AAP leader Saurabh Bhardwaj) ने कहा कि दिल्ली में छात्राओं को मुफ्त वितरित की जा रही (Being distributed free of cost to Female Students in Delhi) साइकिलों की खरीद में भारी अनियमितता हुई (Major irregularities in Procurement of Bicycles) ।
दिल्ली की छात्राओं को मुफ्त में वितरित की जा रही साइकिलों को लेकर राजधानी की राजनीति गरमा गई है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने रेखा गुप्ता सरकार पर साइकिल खरीद में बड़े स्तर पर अनियमितता और कथित तौर पर 90 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने जिस साइकिल को हीरो स्काइलर 26 टी मॉडल बताकर खरीदा है, वास्तव में वह हीरो बोनफायर मॉडल है, जिस पर केवल स्काइलर का स्टीकर लगाया गया है।
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सरकार द्वारा जारी वर्क ऑर्डर के आइटम डिस्क्रिप्शन में स्पष्ट रूप से हीरो स्काइलर 26टी मॉडल का उल्लेख किया गया है। उनके अनुसार, यह मॉडल पहले बाजार में उपलब्ध था, लेकिन कंपनी ने इसका उत्पादन काफी पहले बंद कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि स्काइलर मॉडल में सात गियर, डिस्क ब्रेक और फ्रंट सस्पेंशन जैसी आधुनिक सुविधाएं होती हैं, जबकि छात्राओं को वितरित की जा रही साइकिलों में इनमें से कोई भी फीचर मौजूद नहीं है।
‘आप’ नेता ने आरोप लगाया कि सरकार लगातार साइकिल का वास्तविक मॉडल बताने से बच रही है। उनका कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और संबंधित मंत्री से कई बार सार्वजनिक रूप से मॉडल की जानकारी मांगी, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जब हीरो साइकिल के डीलरों और थोक विक्रेताओं से जानकारी ली गई तो पता चला कि स्काइलर मॉडल का निर्माण बंद हो चुका है।
सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि वितरित की जा रही साइकिलें वास्तव में हीरो बोनफायर मॉडल हैं, जिनकी थोक कीमत 4 हजार रुपए से भी कम है, जबकि सरकार ने प्रत्येक साइकिल लगभग 6,957 रुपए में खरीदी है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगभग 1 लाख 30 हजार साइकिलों की खरीद में प्रति साइकिल करीब 3 हजार रुपये का अतिरिक्त भुगतान किया गया, जिससे करोड़ों रुपए का वित्तीय नुकसान हुआ।
‘आप’ का आरोप है कि यदि बोनफायर मॉडल पर स्काइलर का स्टीकर लगाकर उसे महंगे मॉडल के रूप में खरीदा गया है, तो यह केवल कीमत का अंतर नहीं बल्कि मॉडल के स्तर पर भी कथित फर्जीवाड़ा है। पार्टी ने कहा कि सरकार इस मामले में पारदर्शिता बरते और सार्वजनिक रूप से बताए कि छात्राओं को आखिर किस मॉडल की साइकिल वितरित की जा रही है। सौरभ भारद्वाज ने सरकार से पूरी खरीद प्रक्रिया, टेंडर, मॉडल चयन और भुगतान से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह गरीब छात्राओं के नाम पर सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर मामला होगा।
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