
डेस्क: गॉल पर टीम इंडिया का कब्जा हो चुका है. यहां खेले पहले टेस्ट में उसने श्रीलंका पर गदर जीत हासिल की. भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हराया. इस दमदार जीत के साथ 2 टेस्ट की सीरीज में भारत ने 1-0 की बढ़त बना ली है. 600वां टेस्ट होने के चलते गॉल में मिली जीत के मायने भारतीय टीम के लिए और बेमिसाल हो जाते हैं. गॉल टेस्ट को जीतने के लिए भारत ने 372 रन का लक्ष्य रखा था, जिसका पीछा करने में श्रीलंका की टीम नाकाम रही. भारत ने गॉल में 9 साल बाद टेस्ट मैच खेला और जीता है.
गॉल टेस्ट की शुरुआत 15 अगस्त से हुई थी. भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ये दूसरा टेस्ट मैच था, जिसका आगाज 15 अगस्त से हुआ था. पहली बार ऐसा साल 2014 में हुआ था. तब इंग्लैंड के खिलाफ 15 अगस्त से शुरू हुए टेस्ट मैच में भारत को पारी और 244 रन के बड़े अंतर से हार का सामना करना पड़ा था. यानी, ये पहली बार है जब 15 अगस्त से शुरू हुए टेस्ट मैच में भारतीय टीम ने जीत का स्वाद चखा है.
गॉल टेस्ट में भारत ने 165 रन से जीत दर्ज की. भारत ने श्रीलंका के सामने 372 रन का लक्ष्य रखा था, जिसका पीछा करते हुए वो बस 206 रन ही बना सके और मुकाबला हार गए. टीम इंडिया को 9 साल बाद गॉल में खेले टेस्ट में जीत मिली है. इससे पहले 2017 में उसने यहां खेले टेस्ट में जीत दर्ज की थी. इस जीत के साथ गॉल में अब भारत की जीत और हार का हिसाब भी बराबर हो गया है. भारत का गॉल में ओवरऑल ये छठा टेस्ट था. यहां खेले 6 टेस्ट में भारत ने 3 जीते और 3 हारे हैं.
गॉल टेस्ट में भारत की जीत में मानव सुथार और देवदत्त पडिक्कल की भूमिका सबसे अहम रही. मानव सुथार ने गेंद से गदर मचाया और 10 विकेट अपने नाम किए. उन्होंने पहली पारी में 4 विकेट लिए और दूसरी पारी में 6 बल्लेबाजों को अपना शिकार बनाया. वहीं देवदत्त पडिक्कल ने बल्ले से हल्ला बोलते हुए एक शतक के साथ 211 रन गॉल टेस्ट में बनाए.
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