
चंडीगढ़ । कांग्रेस नेता राव नरेंद्र सिंह (Congress leader Rao Narendra Singh) ने कहा कि दलितों के साथ भेदभाव करना (Discriminating against Dalits) संविधान की मूल भावना के खिलाफ है (Goes against the basic spirit of Constitution) ।
कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ उत्तराखंड के हल्द्वानी में कथित तौर पर किए गए ‘शुद्धिकरण’ की घटना को लेकर हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के साथ उसकी जाति के आधार पर इस प्रकार का व्यवहार करना केवल एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि भारत के संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक समानता की भावना का अपमान है।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस गंभीर मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में राजनीतिक चुप्पी साधने के बजाय कानून के अनुसार तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “देश का संविधान हर नागरिक को समानता, सम्मान और गरिमा के साथ जीने का अधिकार देता है। ऐसे में किसी व्यक्ति के साथ जाति के आधार पर भेदभाव करना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। यदि देश के एक प्रमुख राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ खुलेआम ऐसा व्यवहार किया जा सकता है, तो आम दलित, गरीब और वंचित व्यक्ति की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।”
हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा और आरएसएस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वे संविधान की विचारधारा के साथ खड़े हैं या मनुवादी सोच के साथ। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी लगातार संविधान की रक्षा और सामाजिक न्याय की लड़ाई को मजबूती से उठा रहे हैं और कांग्रेस किसी भी कीमत पर दलितों, आदिवासियों तथा कमजोर वर्गों के सम्मान के साथ समझौता नहीं करेगी। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि दलितों के खिलाफ भेदभाव और उत्पीड़न की किसी भी घटना को सामान्य मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कानून सभी के लिए समान है और यदि किसी व्यक्ति के साथ जातिगत आधार पर अपमानजनक व्यवहार किया गया है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश में आज एक तरफ संविधान समानता और भाईचारे का रास्ता दिखाता है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा-आरएसएस की विचारधारा पर लगातार ऐसे सवाल उठ रहे हैं, जो सामाजिक बराबरी और संवैधानिक मूल्यों के लिए गंभीर चुनौती हैं। राव नरेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को एससी-एसटी कानून के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए जाएं और दोषियों को कानून के मुताबिक सजा दिलाई जाए। उन्होंने कहा कि संविधान और सामाजिक न्याय की रक्षा केवल कांग्रेस की नहीं, बल्कि हर लोकतांत्रिक सरकार की जिम्मेदारी है।
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