
नई दिल्ली। दुबई (Dubai) से तेल अवीव (Tel Aviv) जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट (Flydubai flight) में बुधवार को कॉकपिट के भीतर हुए हमले के दौरान घायल हुए भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार (Indian Captain Smit Machhar) का सऊदी अरब के ताबुक शहर में इलाज चल रहा है। भारतीय दूतावास के मुताबिक उनकी हालत फिलहाल स्थिर है और उन्हें जरूरी चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। दूतावास रियाद और जेद्दा स्थित वाणिज्य दूतावास के जरिए उनकी सेहत पर लगातार नजर रख रहा है।
मच्छार उस बोइंग 737 के कैप्टन थे, जिसे घटना के बाद सऊदी अरब के ताबुक डायवर्ट किया गया। विमान में करीब 174 यात्री सवार थे। घटना के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और क्रू ने हमलावर को काबू करने में मदद की।
अस्पताल में भर्ती, दूतावास परिवार के संपर्क में
रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने बताया कि मच्छार को ताबुक के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनका पूरा मेडिकल अपडेट अभी सामने आना बाकी है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उनकी हालत स्थिर है। दूतावास ने उनके परिवार से संपर्क बनाए रखने और सऊदी अधिकारियों के साथ समन्वय कर हरसंभव मदद उपलब्ध कराने की बात कही है।
मच्छार के माता-पिता भी सऊदी अरब के लिए रवाना हो गए हैं। रिपोर्टों के मुताबिक घटना के बाद विमान को सुरक्षित ताबुक में उतारा गया और सभी यात्री सुरक्षित रहे।
34 हजार फीट की ऊंचाई पर शुरू हुआ विवाद
फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के करीब ढाई घंटे बाद विमान लगभग 33 से 34 हजार फीट की ऊंचाई पर था, तभी कॉकपिट में दोनों पायलटों के बीच हिंसक झड़प की स्थिति बनी।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के अनुसार, सह-पायलट ने मच्छार पर चाकू से हमला किया और विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की। घटना की परिस्थितियों की जांच जारी है और हमले के पीछे की मंशा को लेकर अभी जांच एजेंसियों की पड़ताल चल रही है। सह-पायलट को गिरफ्तार कर लिया गया है।
कुछ ही सेकंड में 14 हजार फीट नीचे आया विमान
कॉकपिट में हुई हाथापाई के दौरान विमान तेजी से नीचे आने लगा। उपलब्ध फ्लाइट डेटा के मुताबिक विमान करीब 33 हजार फीट की ऊंचाई से कुछ ही समय में लगभग 17 हजार फीट तक नीचे आ गया। इसी दौरान विमान से आपातकालीन संकेत भी भेजे गए।
मच्छार के घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खुलने के बाद यात्रियों और क्रू के सदस्यों को अंदर पहुंचने और हमलावर को काबू करने में मदद मिली। इसके बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक की ओर मोड़कर आपातकालीन लैंडिंग कराई गई।
‘7500’ कोड से बढ़ी थी हाईजैक की आशंका
विमान से आपातकालीन संकेत मिलने के बाद हाईजैक की आशंका भी पैदा हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार विमान ने ‘7500’ ट्रांसपोंडर कोड प्रसारित किया था, जिसे विमान अपहरण के संकेत के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इसके बाद संबंधित एयर ट्रैफिक कंट्रोल और सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हुईं।
हालांकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों और हमले के मकसद को लेकर जांच अभी जारी है। फ्लाईदुबई और संबंधित अधिकारी घटना के कारणों की पड़ताल कर रहे हैं।
मोदी और नेतन्याहू ने की मच्छार की तारीफ
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद मच्छार ने दूसरों की जान बचाने का संकल्प दिखाया और उनके साहस से सैकड़ों लोगों की जान बची। मोदी ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी मच्छार को ‘सच्चा हीरो’ बताते हुए उनकी भूमिका की सराहना की। नेतन्याहू के मुताबिक मच्छार ने हमले के बावजूद स्थिति संभालने में अहम भूमिका निभाई और 174 लोगों की जान बचाने में मदद की।
13 साल से ज्यादा का उड़ान अनुभव
स्मित मच्छार भारतीय नागरिक हैं और पहले स्पाइसजेट के साथ भी काम कर चुके हैं। बाद में वे फ्लाईदुबई से जुड़े। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उनके पास बोइंग 737 विमानों पर 13 साल से ज्यादा का व्यावसायिक उड़ान अनुभव है और उन्होंने 9,750 से अधिक उड़ान घंटे पूरे किए हैं।
फिलहाल मच्छार ताबुक के अस्पताल में उपचाराधीन हैं। भारतीय दूतावास उनके स्वास्थ्य की जानकारी सऊदी अधिकारियों और उनके परिवार के साथ समन्वय से ले रहा है। उनका पूरा मेडिकल अपडेट आने का इंतजार है, जबकि फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved