वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने व्हाइट हाउस (the White House) में आयोजित एआई बैठक के बाद गूगल के सीईओ सुंदर पिचई (CEO Sundar Pichai) को ‘मॉन्स्टर’ कहकर संबोधित किया। हालांकि, ट्रंप का इशारा अपमान की ओर नहीं बल्कि पिचई की तकनीकी क्षेत्र में प्रभावशाली पहचान और सफलता की ओर था। पिचई ने भी मुस्कुराते हुए इस टिप्पणी का हल्के-फुल्के अंदाज में जवाब दिया।
मंगलवार को ट्रंप ने एआई और टेक्नोलॉजी जगत के कई दिग्गजों के साथ व्हाइट हाउस में बैठक की। इसमें पिचई के अलावा मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग, एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई, एनवीडिया के सीईओ जेनसन हुआंग और अन्य प्रमुख तकनीकी कंपनियों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने पिचई की ओर इशारा करते हुए उन्हें ‘मॉन्स्टर’ बताया।
ट्रंप ने पिचई को पत्रकारों से परिचित कराते हुए कहा कि ये लोग दुनिया के बड़े टेक लीडर हैं और पिचई के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। इसके बाद उन्होंने पिचई की ओर इशारा करते हुए उन्हें ‘मॉन्स्टर’ बताया और कहा कि वे बिना रोजाना मीडिया का सामना किए शानदार जिंदगी जी रहे हैं।
ट्रंप के बयान का संदर्भ पिचई की तकनीकी उपलब्धियों और प्रभाव से था। अमेरिकी बोलचाल में किसी व्यक्ति को अपने क्षेत्र में ‘मॉन्स्टर’ कहना असाधारण क्षमता या प्रभाव के लिए प्रशंसा के तौर पर भी इस्तेमाल किया जाता है।
पिचई ने इस टिप्पणी पर मुस्कुराते हुए कहा कि उम्मीद है कि इससे बेहतर टैगलाइन हो सकती थी कि ‘मैं मॉन्स्टर हूं’। उनके जवाब के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच हल्का माहौल बन गया।
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) September 18, 2026
ट्रंप और टेक कंपनियों के प्रमुखों की बैठक का मुख्य मुद्दा उन्नत एआई तकनीक की सुरक्षा और निगरानी था। बैठक के बाद प्रमुख टेक कंपनियों ने एआई के विकास के लिए एक स्वैच्छिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसमें कंपनियों ने आंतरिक नियंत्रण मजबूत करने, स्वतंत्र बाहरी ऑडिट कराने और बोर्ड स्तर पर जोखिमों की समीक्षा जैसे कदमों पर सहमति जताई है।
समझौता कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है। ट्रंप ने इसे ‘मॉरल बाइंडिंग’ यानी नैतिक रूप से बाध्यकारी समझौता बताया और कहा कि एआई कंपनियों को खुद अपनी तकनीक पर निगरानी रखनी होगी।
ट्रंप प्रशासन ने सरकारी संदर्भों में ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ के बजाय ‘सुपर इंटेलिजेंस’ शब्द इस्तेमाल करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। ट्रंप का कहना है कि मौजूदा एआई तकनीक की क्षमताएं पारंपरिक ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ की पुरानी अवधारणा से काफी आगे निकल चुकी हैं।
ट्रंप ने यह भी कहा कि वह एआई के विकास को रोकने के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि अमेरिका को इस तकनीकी क्षेत्र में अपनी बढ़त बनाए रखनी चाहिए। इसी के साथ उन्होंने कंपनियों से सुरक्षा और निगरानी के लिए खुद जिम्मेदारी लेने पर जोर दिया।
बैठक के बाद सुंदर पिचई ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण बातचीत थी और उन्होंने ‘व्हाइट हाउस एकॉर्ड ऑन सुपर इंटेलिजेंस’ पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने बताया कि गूगल एआई क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश कर रहा है और आगे भी ऐसे उत्पाद विकसित करने पर काम जारी रखेगा, जो लोगों और कारोबारों के लिए उपयोगी हों।
इस समझौते में कंपनियों की ओर से एआई सिस्टम के विकास और इस्तेमाल के दौरान जोखिमों की पहचान, आंतरिक नियंत्रण और स्वतंत्र समीक्षा जैसे उपायों पर जोर दिया गया है।
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