
नई दिल्ली: अक्सर नींद को दिनभर की थकान के बाद शरीर के आराम का समय माना जाता है, लेकिन सोते समय भी शरीर के भीतर कई जरूरी प्रक्रियाएं लगातार चलती रहती हैं। रात में दिमाग दिनभर मिली जानकारी को व्यवस्थित करने और याददाश्त बनाने से जुड़े काम करता है, जबकि शरीर की कोशिकाएं खुद को दुरुस्त करने में जुटी रहती हैं। इस दौरान हार्मोन और इम्यून सिस्टम से जुड़ी प्रक्रियाएं भी अपना काम करती रहती हैं। इसी वजह से पर्याप्त और अच्छी नींद को शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए जरूरी माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, वयस्कों के लिए रात में 7 से 9 घंटे की नींद जरूरी मानी जाती है। यह केवल शरीर को आराम देने तक सीमित नहीं है, बल्कि नींद के अलग-अलग चरणों में शरीर और दिमाग के अलग-अलग काम होते हैं।
रात के दौरान शरीर नींद के अलग-अलग चरणों से गुजरता है और हर चरण की अपनी भूमिका होती है। नींद में नॉन-आरईएम और आरईएम चरण बार-बार आते हैं। आम तौर पर एक नींद चक्र करीब 80 से 100 मिनट का होता है और रात में कई चक्र पूरे होते हैं। गहरी नींद यानी नॉन-आरईएम के तीसरे चरण में शरीर की धड़कन और सांस धीमी हो जाती है। इस दौरान शरीर मरम्मत और ऊर्जा बहाली से जुड़े काम करता है। दूसरी ओर, आरईएम नींद में दिमाग काफी सक्रिय रहता है और इस चरण में सपने अधिक स्पष्ट हो सकते हैं। इस तरह पूरी रात नींद के दौरान शरीर और दिमाग अलग-अलग प्रक्रियाओं के जरिए अगले दिन के लिए खुद को तैयार करते रहते हैं।
नींद के दौरान दिमाग दिनभर मिली जानकारियों को व्यवस्थित करने और याददाश्त बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आरईएम और नॉन-आरईएम नींद के दोनों चरण सीखने और याददाश्त से जुड़े अलग-अलग काम करते हैं। यही कारण है कि कम या खराब नींद होने पर ध्यान केंद्रित करने, नई जानकारी समझने और चीजों को याद रखने में परेशानी हो सकती है। यानी सोते समय दिमाग पूरी तरह निष्क्रिय नहीं होता, बल्कि दिनभर की गतिविधियों और सीखी गई बातों से जुड़ी प्रक्रियाएं जारी रहती हैं। नींद पूरी होने के बाद इसी वजह से दिमाग और शरीर अगले दिन की गतिविधियों के लिए तैयार होने में मदद पाते हैं।
गहरी नींद के दौरान शरीर में ऊतकों की वृद्धि और मरम्मत से जुड़े काम भी होते हैं। इसी समय कुछ हार्मोन रिलीज होते हैं। ग्रोथ हार्मोन शरीर के विकास के साथ मांसपेशियों और ऊतकों की मरम्मत में भूमिका निभाता है। इसके अलावा वैज्ञानिकों ने ग्लिम्फैटिक सिस्टम नाम की एक व्यवस्था का भी अध्ययन किया है, जो दिमाग से कुछ मेटाबॉलिज्म संबंधी अपशिष्ट पदार्थों को हटाने का काम करती है। इस तरह नींद के दौरान शरीर में मरम्मत, ऊर्जा बहाली, हार्मोन से जुड़ी गतिविधियां और दिमागी प्रक्रियाएं चलती रहती हैं। इसलिए रात की नींद को केवल आराम का समय मानना सही नहीं है। यह शरीर और दिमाग के लिए कई जरूरी प्रक्रियाओं का महत्वपूर्ण समय है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved