मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर (Mandsaur) जिले में पुलिस ने बिना नंबर प्लेट वाली एक काली महिंद्रा स्कॉर्पियो (Mahindra Scorpio) से 1 करोड़ 29 लाख रुपये की नकदी बरामद की है। बाहर से सामान्य दिखाई देने वाली इस गाड़ी की बॉडी में नकदी छिपाने के लिए गुप्त ठिकाने बनाए गए थे। पुलिस ने जब कार की तलाशी ली तो रकम का पता नहीं चला। इसके बाद मैकेनिक की मदद से गाड़ी की बॉडी खुलवाई गई, जिसके अंदर नोटों के बंडल छिपाकर रखे गए थे। पुलिस ने इस मामले में ग्राम बरखेड़ा उदा के सरपंच प्रतिनिधि भवानीशंकर मीणा और उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के निवासी मोहम्मद इस्लाम पठान तथा सूर्य प्रकाश को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब बरामद रकम के स्रोत और उसके इस्तेमाल का पता लगाने में जुटी है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दी दबिश
पुलिस के अनुसार, मंदसौर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के निर्देशन में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए एक विशेष टीम गठित की गई थी। इसी दौरान टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि शामगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बरखेड़ा उदा में सरपंच प्रतिनिधि के घर के पीछे बने बाड़े में एक संदिग्ध स्कॉर्पियो खड़ी है। काले रंग की इस गाड़ी पर नंबर प्लेट नहीं थी और इसमें बड़ी मात्रा में नकदी छिपाकर रखे जाने की आशंका जताई गई थी।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बाड़े में खड़ी स्कॉर्पियो को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने मौके पर मौजूद सरपंच प्रतिनिधि भवानीशंकर मीणा के साथ उत्तर प्रदेश के मोहम्मद इस्लाम पठान और सूर्य प्रकाश को भी अभिरक्षा में लिया। इसके बाद गाड़ी को जब्त कर तीनों आरोपियों को स्कॉर्पियो सहित शामगढ़ थाने लाया गया, जहां तलाशी की कार्रवाई शुरू की गई।
पुलिस ने जब स्कॉर्पियो की तलाशी ली तो नकदी किसी सामान्य जगह पर नहीं मिली। इसके बाद गाड़ी के अलग-अलग हिस्सों की जांच की गई। संदेह होने पर पुलिस ने मैकेनिक को बुलाया और उसकी मदद से कार की बॉडी खुलवाई। जांच के दौरान गाड़ी में बनाए गए गुप्त ठिकानों का पता चला, जिनमें बड़ी मात्रा में नकदी छिपाकर रखी गई थी।
इन ठिकानों से नोटों के बंडल बरामद हुए। नकदी की गिनती करने पर कुल रकम 1 करोड़ 29 लाख रुपये निकली। कार की बॉडी के भीतर इतनी बड़ी रकम छिपाकर रखे जाने का खुलासा होने के बाद पुलिस ने पूरी नकदी जब्त कर ली और आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी।
सरपंच प्रतिनिधि समेत तीन आरोपी गिरफ्तार
इस मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ग्राम बरखेड़ा उदा के सरपंच प्रतिनिधि भवानीशंकर मीणा तथा उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के रहने वाले मोहम्मद इस्लाम पठान और सूर्य प्रकाश शामिल हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि तीनों के बीच क्या संबंध हैं और इतनी बड़ी रकम को स्कॉर्पियो में छिपाकर रखने के पीछे क्या उद्देश्य था।
शामगढ़ थाना प्रभारी मनोज महाजन ने बताया कि थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर ओपी राठौर को सूचना मिली थी कि गांव के सरपंच के यहां बाहर से दो व्यक्ति काले रंग की स्कॉर्पियो लेकर आए हैं। सूचना में गाड़ी के अंदर बड़ी मात्रा में नकदी होने की बात भी कही गई थी। इसके बाद पुलिस टीम गठित कर मौके पर कार्रवाई की गई और संदिग्ध वाहन को जब्त कर लिया गया।
थाना प्रभारी के मुताबिक, स्कॉर्पियो से 1 करोड़ 29 लाख रुपये बरामद हुए हैं। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस बरामद रकम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
मादक पदार्थों की तस्करी की आशंका, अभी पुष्टि नहीं
इस मामले में पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई और इसे कार की बॉडी में गुप्त ठिकाने बनाकर क्यों छिपाया गया था। इसके अलावा पुलिस यह भी पता लगा रही है कि नकदी कहां ले जाई जानी थी और इसमें गिरफ्तार आरोपियों की क्या भूमिका है।
प्रारंभिक सूचना में रकम का संबंध मादक पदार्थों की तस्करी से होने की आशंका जताई गई थी। हालांकि, पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। ऐसे में बरामद नकदी को किसी तस्करी से जुड़े मामले का हिस्सा मानना फिलहाल उचित नहीं होगा। जांच के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस के अनुसार, मामले की जानकारी आयकर विभाग को भी दी जा रही है, ताकि नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सके। फिलहाल 1 करोड़ 29 लाख रुपये की बरामदगी, बिना नंबर की स्कॉर्पियो और उसकी बॉडी में बनाए गए गुप्त ठिकाने जांच के प्रमुख बिंदु हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर नकदी के स्रोत, संभावित इस्तेमाल और पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved