
इंदौर। झोलाछाप डॉक्टरों (Quack doctors) के खिलाफ लगातार कार्रवाई के बावजूद शहर की गरीब बस्तियों और ऐसे क्षेत्रों में अभी भी कई क्लिनिक (clinic) चल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग (Health Department) ने कल बाणगंगा स्थित संस्कार क्लिनिक (Sanskar Clinic) का निरीक्षण करते हुए उसे सील कर दिया। जांच में गर्भपात की दवाइयां और इंजेक्शन तो यहां पाए ही गए, वहीं यह भी पता लगा कि होम्योपैथी का डॉक्टर एलोपैथिक पद्धति से मरीजों का इलाज कर रहा था। क्लिनिक का रजिस्ट्रेशन भी नहीं मिला, लिहाजा मप्र नर्सिंग होम अधिनियम उल्लेखन के मामले में भी यह कार्रवाई की गई।
कलेक्टर शिवम वर्मा को यह शिकायत मिली कि बाणगंगा क्षेत्र में झोलाछाप डॉक्टर द्वारा इलाज किया जा रहा है, जिस पर उन्होंने मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी को कार्रवाई के निर्देश दिए और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कल मौके पर जाकर इस अवैध क्लिनिक को सील कर दिया। डॉ. हासानी ने बताया कि संस्कार क्लिनिक का संचालन डॉ. एकता विश्वकर्मा द्वारा किया जा रहा था। वे होम्योपैथिक चिकित्सक हैं, लेकिन उनके द्वारा एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति से उपचार किए जाने की शिकायतें प्राप्त हुई थीं। विगत कई दिनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बाणगंगा में कुछ महिला मरीज गंभीर स्थिति में पहुंच रही थीं। जांच के दौरान जानकारी सामने आई कि इन महिलाओं को संस्कार क्लिनिक में गर्भपात संबंधी दवाइयां एवं इंजेक्शन दिए जा रहे थे।
प्राप्त लिखित शिकायतों के आधार पर 15 अक्टूबर को शहरी विकासखंड चिकित्सा अधिकारी-बाणगंगा डॉ. सुषमा बोरीबाल तथा वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. शैफाली ओझा द्वारा संस्कार क्लिनिक का आकस्मिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान क्लिनिक में गर्भपात संबंधी दवाइयां एवं इंजेक्शन काफी मात्रा में पाए गए, साथ ही होम्योपैथिक चिकित्सक द्वारा एलोपैथिक पद्धति से उपचार किए जाने का मामला भी सामने आया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जनस्वास्थ्य की सुरक्षा तथा लागू प्रावधानों के पालन को ध्यान में रखकर तत्काल कार्रवाई की और संस्कार क्लिनिक को सील कर दिया। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा पूर्व में भी ऐसे झोलाछाप यानी फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाती रही है। अभी पिछले दिनों ही जूनी इंदौर स्थित हर्ष क्लिनिक में गलत इलाज के चलते 10 साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई थी, जिस पर पुलिस ने भी एफआईआर दर्ज की थी और स्वास्थ्य विभाग ने क्लिनिक को भी सील कर दिया था।
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