
इंदौर. शहर (Indore) में भूमिगत मेट्रो (Underground Metro) के निर्माण को लेकर रहवासियों (Residents) और स्थानीय संगठनों का विरोध अब लगातार तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में प्रस्तावित रूट और निर्माण कार्यों के खिलाफ रहवासियों ने रीगल चौराहे (Regal Square) पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि घनी बस्तियों के नीचे से गुजरने वाले इस प्रोजेक्ट से उनकी संपत्तियों और पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
बोरिंग सूखने और मकानों में दरार की आशंका प्रर्दशन में शामिल रहवासियों और स्थानीय लोगों का दावा है कि टनल बोरिंग मशीन (TBM) से की जाने वाली गहरी खुदाई के कारण क्षेत्र के भू-जल स्तर पर बुरा असर पड़ेगा, जिससे सैकड़ों बोरिंग सूखने का खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा, पुरानी और घनी बस्तियों वाले इलाकों में मकानों की संरचना (Structure) कमजोर होने और दीवारों में दरारें आने की आशंका से लोग डरे हुए हैं। रहवासियों ने प्रशासन के सामने चिंता जताते हुए वैकल्पिक मार्ग अपनाने का भी सुझाव दिया है।
मेट्रो प्रबंधन की सफाई और सुरक्षा के दावे
बढ़ते विरोध के बीच मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य पूरी तरह से तकनीकी और सुरक्षा मानकों के तहत किए जा रहे हैं।
भवन सर्वेक्षण: प्रबंधन के मुताबिक, सुरंग निर्माण क्षेत्र के करीब 30 मीटर के दायरे में आने वाली इमारतों का पहले से सर्वे किया जाता है।
सेंसर तकनीक: जमीन और भवनों की हलचल पर बारीकी से नजर रखने के लिए आधुनिक सेंसर लगाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी तरह के जोखिम से पहले समय रहते कदम उठाए जा सकें।
सुरक्षित तकनीक: देश के अन्य बड़े शहरों (जैसे दिल्ली, कोलकाता, बेंगलुरु) की तर्ज पर ही टीबीएम तकनीक से सुरक्षित तरीके से टनल बनाई जा रही है। एक तरफ जहां मेट्रो प्रबंधन निर्माण कार्य में तेजी लाने की कोशिश में जुटा है, वहीं स्थानीय जनता की सुरक्षा और पर्यावरण से जुड़ी चिंताएं इस प्रोजेक्ट के सामने एक बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं।
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