
लखनऊ। रक्षा मंत्री (Defence Minister) और सांसद राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने शुक्रवार को लखनऊ पहुंचे। यहां उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) की यूपी इकाई के मुख्यालय पर प्रेस वार्ता की। इस दौरान जब उनसे दिवंगत मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) को पद्म विभूषण दिए जाने संबंधी सवाल पूछा गया तो वह सन्न रह गए और इस सवाल को टाल दिया और मीडियाकर्मियों को धन्यवाद देते हुए उठ गए।
लखनऊ में राजनाथ सिंह एक संवाददाता सम्मेलन के संबोधित किया। प्रेस वार्ता के आखिरी कुछ मिनटों में जब उनसे पूछा गया कि साल 1990 में अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन के समर्थक कारसेवकों पर पुलिस चलवाने का आदेश देने के लिए भाजपा द्वारा मुलायम सिंह यादव की लगातार आलोचना किए जाने के बावजूद उन्हें पद्म पुरस्कार से सम्मानित क्यों किया गया? इस सवाल उन्होंने सिर्फ इतना कहा, ‘चलिए, देखते हैं; उसके कई कारण थे। बहुत-बहुत धन्यवाद।’ इसके बाद उन्होंने संवाददाता सम्मेलन समाप्त कर दिया। इस मौके पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद थे।
सपा के बिना राहुल रायबरेली भी जीत पाएंगे या नहीं
इससे पहले प्रेस वार्ता में रक्षामंत्री ने विपक्षी नेता राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि देश में जबसे वोटर आईडी कार्ड आया है तब से कांग्रेस के लिए बहुमत पाना दूर की बात हो गई। लगातार सत्ता में रहने वाली पार्टी पिछले 37 साल से यूपी में सत्ता से बाहर है। वहीं देश में दो सांसदों वाली भाजपा आज कहां है। राजनाथ सिंह ने सवाल उठाया कि कांग्रेस की यह स्थिति वोट चोरी के चलते हुई है या काम चोरी के। राहुल गांधी बताएं कि समाजवादी पार्टी के सहयोग बिना वो रायबरेली सीट भी जीत सकते हैं या नहीं।
पुलिस ने कारसेवकों पर पुलिस ने चलाई थी गोली
साल 1990 में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और उससे जुड़े संगठनों के हजारों कारसेवक कर्फ्यू और प्रशासनिक पाबंदियां तोड़कर विवादित राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद स्थल की ओर बढ़े थे। वे वहां राम मंदिर निर्माण की मांग कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने गोलीबारी की थी। इस घटना के बाद विहिप ने मुलायम सिंह यादव को ‘मुल्ला मुलायम’ नाम दिया था। सपा पर तुष्टीकरण की राजनीति के आरोप भी लगते रहे हैं।
मुलायम को कब मिला पद्म विभूषण
मुलायम सिंह यादव का 10 अक्टूबर 2022 को निधन हो गया था। इसके बाद उन्हें मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। 5 अप्रैल साल 2023 को यह सम्मान अखिलेश यादव ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ग्रहण किया था।
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