
नई दिल्ली । 26 नवंबर 2008 (26 November 2008) को मुंबई (Mumbai) में हुए आतंकी हमलों के मामले में दोषी अजमल कसाब (Ajmal Kasab) ने अदालत में अपने बचाव के दौरान कई दलीलें दी थीं। विशेष सरकारी वकील उज्ज्वल निकम (Ujjwal Nikam) के अनुसार, कसाब ने दावा किया था कि वह बॉलीवुड फिल्मों का शौकीन था और इसी वजह से मुंबई आया था। हालांकि, उसने हमलों के दौरान हुई हत्याओं की जिम्मेदारी खुद लेने के बजाय अपने साथी अबू इस्माइल (Abu Ismail) पर डालने की कोशिश भी की थी। निकम ने हाल ही में इन घटनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं को साझा किया।
राजकुमार राव अभिनीत फिल्म ‘प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम’ 16 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। फिल्म में राजकुमार राव ने उज्ज्वल निकम की भूमिका निभाई है। फिल्म के प्रचार के दौरान निकम ने कसाब के मुकदमे से जुड़े अनुभवों के बारे में बताया। उनके मुताबिक, कसाब ने अदालत में अपना अपराध स्वीकार करने की बात कही थी, लेकिन साथ ही यह भी दावा किया कि उसने खुद किसी की हत्या नहीं की थी।
निकम के अनुसार, कसाब ने हत्याओं के लिए अपने साथी अबू इस्माइल को जिम्मेदार बताया था। उसने यह दलील भी दी कि वह मुंबई आया जरूर था, लेकिन उसे मौत की सजा नहीं दी जानी चाहिए। कसाब ने मुंबई आने की वजह बॉलीवुड फिल्मों के प्रति अपना आकर्षण बताया था। निकम ने उसकी इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और अभियोजन पक्ष की ओर से उसके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत करने का फैसला किया।
निकम ने स्पष्ट किया कि किसी आरोपी के बयान के आधार पर ही पूरे मामले का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। उनके अनुसार, कसाब अपनी भूमिका के सभी पहलुओं को स्वीकार नहीं कर रहा था। इसलिए उसके खिलाफ जुटाए गए सबूतों को न्यायालय के सामने रखना जरूरी था।
इससे पहले निकम ने एक टेलीविजन कार्यक्रम में भी कसाब के दावे का जिक्र किया था। उस दौरान उन्होंने बताया था कि कसाब ने हिंदी फिल्मों का प्रशंसक होने और अभिनेता अमिताभ बच्चन के घर जाने की इच्छा का हवाला दिया था। हालांकि, ये बातें कसाब की ओर से किए गए दावों के रूप में ही सामने आई थीं।
निकम ने 26/11 हमलों के दौरान आतंकियों और उनके पाकिस्तानी हैंडलर्स के बीच हुई बातचीत का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, ताज महल पैलेस होटल के अंदर मौजूद हमलावर मोबाइल फोन के जरिए अपने आकाओं से संपर्क में थे। इस बातचीत को सुरक्षा एजेंसियों ने इंटरसेप्ट किया था। इससे जांचकर्ताओं को हमले के दौरान आतंकियों की गतिविधियों और बंधकों के साथ उनके व्यवहार को समझने में मदद मिली।
निकम ने एक घटना बताते हुए कहा कि होटल के एक कमरे में कुछ लोगों को बंधक बनाया गया था। हैंडलर्स ने हमलावरों से पूछा कि उनके कब्जे में कितने लोग हैं। जवाब में हमलावर ने बताया कि वहां एक क्लर्क, एक वेटर और एक शिक्षक मौजूद हैं। इसके बाद हैंडलर ने कथित शिक्षक से उसके स्कूल के बारे में पूछताछ करने और बंधकों के कपड़े उतरवाकर उन्हें केवल अंडरवियर में रखने का निर्देश दिया।
निकम के अनुसार, हैंडलर को उस व्यक्ति के शिक्षक होने पर संदेह था। उसने हमलावर को उसकी पिटाई करने और यह पूछने के लिए कहा कि एक शिक्षक पांच सितारा होटल में ठहरने का खर्च कैसे उठा सकता है। पिटाई के बाद उस बंधक ने बताया कि वह वास्तव में एक बैंक का चेयरमैन था।
निकम ने कहा कि उन्होंने बाद में बैंक चेयरमैन का बयान दर्ज किया, लेकिन गवाही देने के समय वह काफी डरे हुए थे। उन्हें गवाही देने के लिए तैयार करना पड़ा। निकम के मुताबिक, जांचकर्ताओं के पास आतंकियों और उनके हैंडलर्स के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग मौजूद थी, जो मामले में महत्वपूर्ण साक्ष्य थी।
फिल्म ‘प्रहार’ का निर्देशन अविनाश अरुण ने किया है। इसमें वामिका गब्बी ने उज्ज्वल निकम की पत्नी ज्योति की भूमिका निभाई है, जबकि ललित प्रभाकर अजमल कसाब के किरदार में नजर आए हैं। फिल्म निकम के पेशेवर जीवन और कसाब के खिलाफ चली कानूनी लड़ाई पर केंद्रित है।
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