
नई दिल्ली। पाकिस्तान (Pakistan) के लाहौर (Lahore) में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) से जुड़े चौधरी मुहम्मद सरवर (Chaudhry Muhammad Sarwar) की अचानक मौत हो गई। पार्टी के मुताबिक, सरवर अस्र की नमाज अदा करने के लिए मस्जिद जा रहा था, तभी रास्ते में अचानक गिर पड़ा। इसके बाद उसकी मौत हो गई। शुरुआती तौर पर मौत की वजह हार्ट अटैक मानी जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सरवर पाकिस्तान की सेंट्रल मुस्लिम लीग की पंजाब इकाई का अध्यक्ष था। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 28 दिसंबर 2016 को उस पर आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने और उसे हस्तांतरित करने में कथित भूमिका के कारण प्रतिबंध लगाया था। सरवर की मौत ऐसे समय हुई है, जब कुछ दिन पहले ही लाहौर में जैश-ए-मोहम्मद के कथित ऑपरेशनल कमांडर मुहम्मद आसिम की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी।
लश्कर की फंडिंग से जुड़े होने का आरोप
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, चौधरी मुहम्मद सरवर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा आतंकी था और लाहौर में संगठन का प्रमुख रह चुका था। अमेरिका ने आतंकवादी गतिविधियों के लिए धन जुटाने और उसे ट्रांसफर करने में कथित भूमिका के आधार पर उसे प्रतिबंधित किया था।
इसी वर्ष अमेरिका ने लश्कर से जुड़े शाहिद महमूद पर भी कार्रवाई की थी। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, महमूद कराची में संगठन से जुड़ा था और कथित तौर पर फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन के माध्यम से फंडिंग तथा अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों में शामिल था। प्रतिबंधों के तहत दोनों की उन संपत्तियों को फ्रीज किया गया था, जो अमेरिकी अधिकार क्षेत्र में आती थीं।
कुछ दिन पहले जैश के कथित कमांडर की भी गई थी जान
लाहौर में 14 और 15 अक्टूबर की दरमियानी रात जैश-ए-मोहम्मद के कथित ऑपरेशनल कमांडर मुहम्मद आसिम की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। दुर्घटना में उसकी पत्नी हुमा आसिम और बेटे तल्हा आसिम की भी जान चली गई थी।
जानकारी के मुताबिक, परिवार की कार को गढ़ी शहू इलाके में अल्लामा इकबाल रोड पर पीछे से आ रहे एक ट्रेलर ने टक्कर मार दी थी। टक्कर के बाद कार ट्रेलर के नीचे फंस गई। बचावकर्मियों को शव निकालने के लिए कार के मलबे को काटना पड़ा। पुलिस ने परिवार के जीवित बचे बेटे मुहम्मद बिन आसिम की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया था।
भारत में कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा रहा है लश्कर
लश्कर-ए-तैयबा पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन है, जिसका नाम भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों से जुड़ा रहा है। 26 नवंबर 2008 को मुंबई में हुए 26/11 हमले में इसके आतंकियों की भूमिका सामने आई थी। इस हमले में 166 लोगों की मौत हुई थी। इसके अलावा, 13 दिसंबर 2001 को भारतीय संसद पर हुए आतंकी हमले में भी लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकियों की भूमिका सामने आई थी।
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