
नई दिल्ली। दिल्ली-NCR में वायु प्रदूषण बढ़ने के साथ ही इस सीजन में पहली बार ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी GRAP-1 के तहत पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसकी जानकारी दी। वायु गुणवत्ता में गिरावट के बाद यह कदम उठाया गया है। बुधवार को राजधानी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 226 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में जमा हो रहे हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली के AQI में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) के पूर्वानुमान में भी अगले दो दिनों तक वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में बने रहने की आशंका जताई गई है। इसी को देखते हुए CAQM की उप-समिति ने पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में GRAP-1 के तहत निर्धारित सभी उपाय तत्काल प्रभाव से लागू करने का फैसला लिया।
GRAP-1 लागू होने के बाद निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही खुले में कचरा जलाने की घटनाओं पर नजर रखी जाएगी और प्रदूषण कम करने के लिए संबंधित एजेंसियों को जरूरी कदम उठाने होंगे। प्रशासन ने नागरिकों से भी GRAP-1 के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है। लोगों को जहां तक संभव हो, निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, प्रदूषण के संपर्क में आने से बचने के लिए अनावश्यक रूप से लंबे समय तक बाहर रहने से बचने की भी सलाह दी गई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मानकों के मुताबिक, AQI शून्य से 50 के बीच होने पर हवा ‘अच्छी’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में मानी जाती है। दिल्ली का AQI 226 होने के कारण राजधानी की हवा फिलहाल ‘खराब’ श्रेणी में है।
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