
नई दिल्ली । पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने फिल्म ‘दूसरा’ (Dhoosra) की रिलीज रोकने से इनकार कर दिया। यह फिल्म शुक्रवार, 23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। गांगुली ने अदालत से इसकी रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी। गुरुवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति दिनेश भट्ट की पीठ ने मौखिक रूप से कहा कि शुरुआती स्तर पर सुविधा का संतुलन फिल्म निर्माताओं (Filmmakers) के पक्ष में दिखाई देता है। अदालत ने फिलहाल फिल्म के प्रदर्शन पर रोक नहीं लगाई और मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार के लिए निर्धारित की।
गांगुली की ओर से दायर मुकदमे में लव फिल्म्स एलएलपी भी वादी है। यह प्रोडक्शन कंपनी पूर्व भारतीय कप्तान पर एक अलग बायोपिक बना रही है। याचिका में आशंका जताई गई कि ‘दूसरा’ में गांगुली के नाम, जीवन और उनसे जुड़ी सामग्री का इस्तेमाल इस तरह किया जा सकता है, जिससे उनके व्यक्तित्व संबंधी अधिकारों का उल्लंघन हो।
सुनवाई के दौरान गांगुली के वकील ने दलील दी कि फिल्म का प्रचार पूर्व क्रिकेटर के नाम पर किया जा रहा है और उनके मुवक्किल को ही इसका वास्तविक नायक बताया जा रहा है। वकील के मुताबिक, गांगुली और उनका जीवन फिल्म का मुख्य विषय प्रतीत होता है। उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म बनाने के लिए गांगुली से कोई लाइसेंस या मंजूरी नहीं ली गई है। अदालत को बताया गया कि उनकी जिंदगी पर आधारित एक बायोपिक पहले से निर्माणाधीन है। गांगुली की ओर से फिल्म की रिलीज टालने के लिए निर्माताओं को अग्रिम भुगतान की राशि लौटाने की पेशकश भी की गई।
दूसरी ओर, फिल्म निर्माताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने कहा कि ‘दूसरा’ सौरव गांगुली की बायोपिक नहीं है। उनके अनुसार, यह राजस्थान की एक मध्यमवर्गीय लड़की की कहानी है, जो क्रिकेट की दुनिया में कदम रखती है और पूर्व भारतीय कप्तान से जुड़े कुछ खेल आयोजनों से प्रेरणा लेती है। निर्माताओं ने यह भी भरोसा दिलाया कि गांगुली से संबंधित कुछ दृश्य सामग्री का इस्तेमाल करने के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी।
निर्माताओं के वकील ने अदालत को बताया कि फिल्म के लिए सौ से अधिक सिनेमाघर बुक किए जा चुके हैं और उनके लिए अग्रिम भुगतान भी किया जा चुका है। उन्होंने रिलीज से ठीक एक दिन पहले रोक लगाने की मांग पर आपत्ति जताई। उनका तर्क था कि वादियों ने अभी तक फिल्म देखी भी नहीं है और उनकी आशंकाएं अनुमानों पर आधारित हैं।
सुनवाई में वर्ष 2002 की नेटवेस्ट वनडे सीरीज की क्लिप का मुद्दा भी उठा। निर्माताओं की ओर से दलील दी गई कि किसी खिलाड़ी को इस तरह की क्लिप के आधार पर व्यक्तित्व संबंधी अधिकारों का दावा करने का अधिकार नहीं माना जा सकता। हालांकि, अदालत ने इस स्तर पर विवाद के सभी पहलुओं पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। फिलहाल फिल्म की रिलीज रोकने की मांग स्वीकार नहीं की गई है।
इस मामले में अदालत ने ‘सुविधा का संतुलन’ यानी बैलेंस ऑफ कन्वीनियंस के सिद्धांत का उल्लेख किया। यह कानूनी कसौटी अंतरिम रोक जैसे आदेश पर विचार करते समय इस्तेमाल की जाती है। इसमें अदालत देखती है कि रोक लगाने या नहीं लगाने की स्थिति में संबंधित पक्षों को किस तरह का नुकसान हो सकता है। पीठ ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि उपलब्ध परिस्थितियों में यह संतुलन निर्माताओं के पक्ष में है, इसलिए फिल्म के प्रदर्शन पर तत्काल रोक नहीं लगाई जा रही।
‘दूसरा : इंडियाज अदर फ्रीडम स्ट्रगल’ का निर्देशन अभिनय देव ने किया है। फिल्म में प्लबिता बोरठाकुर, अंकुर विकल और समिधा गुरु प्रमुख भूमिकाओं में हैं। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को तय की है। ऐसे में फिल्म की रिलीज फिलहाल निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ सकती है, जबकि गांगुली और निर्माताओं के बीच अधिकारों को लेकर कानूनी विवाद जारी रहेगा।
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