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थोड़ी सख्ती, थोड़ा संवाद, 90 उद्योगपतियों ने ननि का दिए चेक

March 14, 2026

  • लम्बे समय से सम्पत्ति कर पर चल रही थी तकरार, निगमायुक्त ने रिछाई औद्योगिक क्षेत्र के विकास का दिया आश्वासन

जबलपुर। जबलपुर के रिछाई औद्योगिक क्षेत्र में संपत्ति कर को लेकर नगर निगम और उद्यमियों के बीच वर्षों से चला आ रहा गतिरोध अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच गया है। लंबे समय से चल रही खींचतान के बाद निगम प्रशासन और कारखाना संचालकों के मध्य सहमति के स्पष्ट संकेत मिले हैं। सकारात्मक पहल करते हुए रिछाई के लगभग 90 उद्योगपतियों ने निगम प्रशासन को टैक्स के चेक सौंप दिए हैं। यह कार्रवाई उन 245 बकायेदारों के बारे में है, जो पूर्व में कर अदायगी को लेकर आनाकानी कर रहे थे। निगम द्वारा अपनाए गए सख्त रुख और निरंतर संवाद के कारण अब औद्योगिक इकाइयों से राजस्व संग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आई है जिससे शहर के विकास कार्यों को गति मिलने की संभावना है।


  • पहले भी हो चुकी हैं कोशिशें
    संपत्ति कर की वसूली को लेकर नगर निगम प्रशासन ने विगत कई वर्षों से अपनी सक्रियता बढ़ा रखी थी। रिछाई क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों पर बड़ी मात्रा में कर बकाया होने से निगम की वित्तीय व्यवस्था पर असर पड़ रहा था। वर्तमान स्थिति के अनुसार 245 बकायेदारों में से 90 ने चेक जमा किये हैं। यद्यपि अभी पूरी बकाया राशि का भुगतान नहीं हुआ है, लेकिन अधिकांश कारखाना संचालकों ने जल्द भुगतान का आश्वासन दिया है। प्राथमिक रूप से लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक की राशि जमा हो चुकी है। निगम अधिकारियों का मानना है कि इस पहल से अन्य उद्यमियों पर भी समय पर कर चुकाने का सकारात्मक दबाव बनेगा जिससे नगर निगम के खजाने में करोड़ों रुपये का राजस्व जमा होगा।

    निगमायुक्त के निरीक्षण से बनी बात
    नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने हाल ही औद्योगिक क्षेत्र का विस्तृत जमीनी निरीक्षण किया। उन्होंने क्षेत्र के मुख्य मार्गों के साथ-साथ भीतरी गलियों का भी अवलोकन किया और वहां व्याप्त सफाई व्यवस्था तथा नागरिक सुविधाओं की समीक्षा की। आयुक्त ने मौके पर मौजूद अधीनस्थ अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि औद्योगिक क्षेत्र की सड़कों की सफाई नियमित रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने क्षेत्र के सौंदर्यीकरण पर विशेष बल देते हुए दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग और कलाकृतियों का कार्य कराने की योजना तैयार करने को कहा है। निगमायुक्त ने स्पष्ट किया कि औद्योगिक क्षेत्र की बुनियादी संरचना में सुधार निगम की प्राथमिकता है ताकि उद्यमियों को बेहतर कार्य वातावरण मिल सके।

    फिर से नापी जाएगी फैक्टियों की हद
    राजस्व विभाग के पुराने आंकड़ों के विश्लेषण से यह तथ्य सामने आया है कि पूर्व में कर निर्धारण हेतु की गई नापजोख के दौरान निगम की टीम को कड़े विरोध का सामना करना पड़ा था। उस समय उद्योगपतियों ने अपनी इकाइयों के मुख्य द्वारों पर ताले जड़ दिए थे जिसके कारण राजस्व अमले को बाहर से ही अनुमानित नाप लेकर कर का निर्धारण करना पड़ा था। वर्तमान में कुछ उद्योगपतियों का तर्क है कि उनके पूरे परिसर में उत्पादन कार्य संचालित नहीं हो रहा है, इसलिए वे कर में राहत की मांग कर रहे हैं। निगमायुक्त ने इस विषय पर गंभीरता दिखाते हुए संकेत दिए हैं कि विवादित इकाइयों की दोबारा निष्पक्ष नापजोख कराई जा सकती है जिससे वास्तविक कर देयता स्पष्ट हो सके और उद्यमियों को राहत मिल सके। श्री अहिरवार ने निरीक्षण के दौरान व्यक्तिगत रूप से कई प्रमुख उद्यमियों से संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने आश्वस्त किया कि निगम केवल कर वसूली ही नहीं बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास के प्रति भी पूर्णत: उत्तरदायी है।

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