
इंदौर। दुग्ध उत्पादक किसानों की अनेक मांगों को लेकर गुरुवार को इंदौर सहकारी दुग्ध संघ कार्यालय इंदौर में दुग्ध उत्पादक किसानों ने किसान नेता व इंदौर सहकारी दुग्ध संघ के पूर्व अध्यक्ष मोतीसिंह पटेल के नेतृत्व में महामहिम राज्यपाल जी के नाम विजयनगर एसीपी पराग सेनी, दुग्ध महासंघ के प्रतिनिधि अजय शाह, इंदौर सहकारी दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बलवीर शर्मा को ज्ञापन दिया।
ज्ञापन में दुग्ध उत्पादक किसानों ने दुग्ध समितियों में पूर्व से प्रभावशील दूध क्रय सूची अनुसार ही दूध क्रय दर में की गई वृद्धि को प्रभावशील करने, दिनांक 11 मार्च 2026 से दूध क्रय भाव 9 रूपये प्रति फैट प्रभावशील करने, मध्यप्रदेश सरकार द्वारा घोषित 5 रूपये प्रति लीटर प्रोत्साहन राशि दुग्ध उत्पादक किसानों को 1 अप्रैल 2026 से भुगतान करने वार्षिक साधारण सभा में पारित प्रस्ताव अनुसार वर्ष 2019-20,2020-21,2021-22 का बोनस और लाभांश का भुगतान तत्काल करने।
पशुआहार की गुणवत्ता में सुधार करने एवं भाव में की गई 2 रूपये प्रति किलो की वृद्धि वापिस लेने, आउटसोर्स अधिकारी, कर्मचारीयो को उचित मानदेय, एवं समय पर वेतन का भुगतान करने, वर्ष 2019 में प्रदेश सरकार के आदेश पर महिला बाल विकास विभाग को दूध चूर्ण दिया था जिसके 29 करोड रुपए पिछले 6 वर्षों से बाकी है वो ब्याज सहित प्रदेश सरकार इंदौर दुग्ध संघ को वापस करने, इंदौर सहकारी दुग्ध संघ कार्यक्षेत्र की समस्त सहकारी दुग्ध उत्पादक समितियो के चुनाव करवाए जाने।
इंदौर दुग्ध संघ राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड(NDDB) मैनेजमेंट CEO बलबीर शर्मा द्वारा दो महापूर्व बिना टेंडर प्रक्रिया के 500 मीट्रिक टन दुग्ध चूर्ण मदर डेयरी जिसका संचालन राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड कर रहा है। 260रु प्रति किलो बाजार भाव से कम दाम में दिया गया जिसके कारण इंदौर दुग्ध संघ को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ हैं। इंदौर दुग्ध संघ के सभी दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई कर नुकसान की भरपाई करने की भी मांग की गई।
बी एम सी स्तर पर इंदौर दुग्ध संघ के टैंकर में दूध डालते समय जो टेस्टिंग, CLR ,फैट आए उसका वीडियो बनवाकर उसको ही मान्य किया जावे। सांची चिकित्सा योजना में पिछले 6 माह से लंबित प्रकरणों का तत्काल भुगतान किया जावे, MCU मेंटेनेंस, BMC मेंटेनेंस और अन्य मेंटेनेंस के नाम पर भी बहुत ज्यादा चार्ज वसूला जा रहा हे। उसको कम किया जाए।
दुग्ध उत्पादक किसान की मृत्यु होने पर आश्रित परिवार को वार्षिक साधारण सभा में पारित प्रस्ताव अनुसार 20हजार से बडाकर₹50हजार आर्थिक सहायता योजना 1अप्रैल से लागू की जाए। किसान अध्ययन भ्रमण योजना 1 अप्रैल से शुरू की जावे। 8.30 से कम SNF आने पर BMC से दूध नहीं उठाने वाला आदेश वापस लिया जाए। सहकारी दुग्ध समितियो का कमीशन 15 पैसे किया जाए।
दुग्ध BMC समितियो का दूध टेस्टिंग रिजल्ट दुग्ध संघ एवं चिलिंग सेंटर से उसी दिन(SAME DAY) मोबाइल मैसेज के माध्यम से दिया जावे। आदि मांगो को लेकर ज्ञापन दिया गया। पटेल ने बताया कि किसानों ने अधिकारियों को स्पष्ट बता दिया है कि दुग्ध उत्पादक किसानों की मांगे नहीं मानी गई तो 12मार्च से इंदौर दुग्ध संघ में दूध की सप्लाई बंद करके हम चरण बद्ध आंदोलन करेंगे। जिसकी समस्त जवाबदारी इंदौर सहकारी दुग्ध संघ, शासन, प्रशासन की रहेगी। इस अवसर पर इंदौर दुग्ध संघ के पूर्व अध्यक्ष उमराव सिंह मौर्य, पूर्व संचालक रामेश्वर गुर्जर,विक्रम मुकाती, प्रहलाद सिंह पटेल, राजेंद्र सिंह पटेल, जगदीश जाट, किशोर परिहार, सुरेश पटेल, कृपाल सिंह सेंधव, विश्वजीत सिंह चौहान, हंसराज मंडलोई,प्रेमनारायण पटेल,गगनसिंह ,लाल सिंह सहित बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक किसान उपस्थित हुए।
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