
स्वीडन तकनीक वाली चाइना में असेंबल होकर इंडिया तक आने के बाद
इन्दौर। कैंसर मरीजों (Cancer patients) को एडवांस हाईटेक टेक्नोलॉजी (High-tech Technology) से सम्पूर्ण रूप से सुरक्षित मतलब बिना साइड इफेक्ट के रेडिएशन थैरेपी (radiation therapy) देने वाली लीनियर एक्सीलेटर मशीन मुम्बई पोर्ट से इंदौर कैंसर फाउंडेशन हास्पिटल पहुंच गई। अब इस मशीन को हाईटेक तरीके से बनाए गए किले की तरह मजबूत बंकर में स्थापित किया जाएगा।
देवाशीष पवार के मुताबिक 20 करोड़ रुपए से ज्यादा की 6500 किलो वजनी, स्वीडन टेक्नोलॉजी से सम्बंधित इस लीनियर एक्सीलेटर मशीन खरीदने का ऑर्डर इंदौर कैंसर फाउंडेशन ट्रस्ट ने पिछले साल 2025 नवम्बर माह में दिया था। इसके बाद इस मशीन के सारे पार्ट चाइना में स्थापित कम्पनी के प्लांट में असेंबल किए गए। इसके बाद यह भारी भरकम मशीन के असेंबल सारे पार्ट चाइना से मुम्बई के लिए समुद्र के रास्ते पिछले साल 2025 दिसम्बर में रवाना कर दिए गए। चाइना से समुद्री रास्ते का हजारों किलोमीटर का सफर करने के बाद यह मशीन फरवरी 2026 को मुम्बई पोर्ट (बंदरगाह) पहुंच गई थी, जहां पर मार्च माह में 2 करोड़ से ज्यादा कस्टम ड्यूटी का क्लीयरेंस मतलब भुगतान करने के बाद इंदौर के लिए 2 विशेष बड़े ट्रालों (कंटेनर) से 9 अप्रैल को रवाना होकर इन्दौर कैंसर फाउंडेशन हास्पिटल पहुंच गई। अब विशेषज्ञ इंजीनियर द्वारा इसे बंकर में फिट किया जाएगा। इंदौर कैंसर फाउंडेशन हास्पिटल के अनुसार यह मशीन कैंसर मरीजों के लिए किसी वरदान या मुंह मांगी मुराद से कम नहीं है। इससे कैंसर पीडि़तों को बहुत राहत मिलेगी। इस मशीन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मरीज के जिस अंग में कैंसर होता है, रेडिएशन थैरेपी के लिए यह मशीन शरीर के उसी अंग पर फोकस करती है। इस वजह से आसपास के अंग पर रेडिएशन का कोई असर नहीं होता है।