
वाशिंगटन डीसी। पश्चिम एशिया में युद्धविराम की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। अमेरिका में इस्राइल के राजदूत येचिएल लीटर ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियानों का खुलकर बचाव करते हुए कहा कि कोई भी स्वाभिमानी देश अपने नागरिकों पर बार-बार होने वाले मिसाइल हमलों को बर्दाश्त नहीं कर सकता।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में लाइटर ने स्पष्ट किया कि इस्राइल की कार्रवाई केवल ईरान के सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल लॉन्च साइटों और गैर-ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बना रही है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश लेबनान में भी लोगों का रुख अब ईरान के प्रभाव के खिलाफ हो चुका है और वहां की जनता ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्लाह को खारिज कर रही है।
राजदूत ने चेतावनी दी कि अगर हिजबुल्लाह ने इस्राइल पर हमले जारी रखे तो बेरूत के दहिया क्षेत्र में स्थित उसके कमांड सेंटरों को कड़ी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि लेबनान में चल रही कार्रवाई और तेहरान के खिलाफ इस्राइल के सीधे अभियान अलग-अलग मुद्दे हैं।
इस बीच सोमवार तड़के युद्धविराम पूरी तरह टूटता दिखाई दिया, जब अप्रैल में हुए संघर्षविराम के बाद पहली बार ईरान ने इस्राइल की ओर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। जवाब में इस्राइल ने ईरान के मध्य और पश्चिमी हिस्सों में कई सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। ईरान के इस्फहान, तबरीज, कराज और तेहरान सहित कई शहरों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं।
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