
9 और 10 जनवरी को डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों के साथ ‘एनिमल लिबरेशन कॉन्फ्रेंस’
इंदौर। भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के अंतर्गत जानवरों (animals) के साथ यौन शोषण (Sexual Exploitation) गंभीर अपराध माना जाता था, लेकिन भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद इस तरह की हिंसा पर स्पष्ट रूप से कोई अपराधी कानून मौजूद नहीं है। पशु क्रूरता (Animal cruelty) निवारण (संशोधन) विधेयक, 2022 को बिना किसी देरी के संसद में पारित करवाने के लिए अब इंदौर से आवाज उठने वाली है। 11 जनवरी को एक पैदल मार्च होने जा रहा है, जिसमें शहर के सभी पशुप्रेमी शामिल होंगे।
इंदौर एनिमल लिबरेशन इससे पहले 9 और 10 को होटल क्राउन पैलेस में ‘एनिमल लिबरेशन कॉन्फ्रेंस इंडिया-2026’ का आयोजन करेगा, जिसमें देश के अलग-अलग हिस्सों से पशु अधिकार कार्यकर्ता, वकील, डॉक्टर, सामाजिक कार्यकर्ता जुड़ेंगे। इसका समापन 11 जनवरी को पैदल मार्च के साथ होगा, जो पलासिया से विजयनगर तक होगा और इसमें पांच सौ से ज्यादा पशुप्रेमी भाग लेंगे। इस पैदल मार्च से आवाज उठाई जाएगी कि जानवरों के साथ यौन शोषण को स्पष्ट रूप से अपराध घोषित कर इसके लिए कड़ी सजा का प्रावधान किया जाए। ऐसे मामलों को राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो में दर्ज किया जाए। साथ ही पशु क्रूरता निवारण (संशोधन) विधेयक, 2022 को बिना किसी देरी के संसद से पारित किया जाए। इंदौर एनिमल लिबरेशन के को-फाउंडर अजय किरडिया ने बताया कि इस कांफ्रेंस में ये भी बताया जाएगा कि कैसे पशुप्रेमी और संगठन एक साथ मिलकर अपने शहर और इलाकों में जानवरों के लिए प्रभावी काम कर सकते हैं। पशु क्रूरता से जुड़े कानून, उनके सही इस्तेमाल की प्रक्रिया, जानवरों पर हो रहे अत्याचारों की जांच और दस्तावेजीकरण, मीडिया और सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग, स्थानीय स्तर पर पशु अधिकारों को मजबूत करने की रणनीति तैयार करने पर भी चर्चा की जाएगी।
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