
नई दिल्ली ।बंगाल (Bengal) के विकेटकीपर-बल्लेबाज अभिषेक पोरेल (Abhishek Porel) ने मुश्किल दौर के बाद क्रिकेट (Cricket) के मैदान पर वापसी करते हुए रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) में शानदार शतक लगाया। दिल्ली के खिलाफ कल्याणी में खेले जा रहे मुकाबले के दूसरे दिन उन्होंने नाबाद 114 रन की पारी खेली। शतक पूरा करने के बाद पोरेल भावुक हो गए और मैदान पर घुटनों के बल बैठकर रोने लगे। कुछ देर बाद उन्होंने खुद को संभाला, बल्ला उठाकर ड्रेसिंग रूम और साथी खिलाड़ियों की तालियों का जवाब दिया। जमानत (Bail) पर रिहा होने के बाद यह उनका पहला प्रतिस्पर्धी मुकाबला था।
23 वर्षीय पोरेल को अगस्त में कर्नाटक की एक मेडिकल छात्रा की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया गया था। शिकायतकर्ता ने उन पर शादी का भरोसा देकर यौन संबंध बनाने, दुष्कर्म और आपराधिक धमकी देने जैसे आरोप लगाए थे। मामले में निजी तस्वीरों के कथित दुरुपयोग और ब्लैकमेल से जुड़े आरोप भी शामिल किए गए। सितंबर में हुगली जिले की चुंचुड़ा अदालत से जमानत मिलने के बाद उन्हें जेल से रिहा किया गया। पोरेल ने इस मामले में 36 दिन जेल में बिताए। उनके खिलाफ लगाए गए आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
मैदान पर वापसी के बाद पोरेल ने अपनी पारी के जरिए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। दिल्ली के खिलाफ बंगाल की पहली पारी के जवाब में बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने अपना प्रथम श्रेणी क्रिकेट का दूसरा शतक पूरा किया। यह पारी उनके लिए इसलिए भी खास रही, क्योंकि पिछले कुछ समय से वह क्रिकेट और निजी जीवन में कई चुनौतियों का सामना कर रहे थे।
शतक के बाद अपनी भावनाओं के बारे में बात करते हुए पोरेल ने बताया कि पिछले दो वर्ष उनके लिए आसान नहीं रहे। रणजी ट्रॉफी में वह अपनी अपेक्षा के मुताबिक बड़ी पारियां नहीं खेल पा रहे थे। इस दौरान उन्हें निजी परेशानियों और चोटों का भी सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि वह अपनी बात शब्दों से नहीं, बल्कि बल्ले से कहना चाहते हैं। मुश्किल समय में साथ देने के लिए उन्होंने बंगाल के कोच लक्ष्मी रतन शुक्ला और सहयोगी स्टाफ का आभार जताया।
पोरेल ने जेल में बिताए समय का जिक्र करते हुए कहा कि वहां उन्होंने एक अलग ही दुनिया देखी। उनके मुताबिक, इस अनुभव ने उन्हें मानसिक रूप से अधिक मजबूत बनाया। उन्होंने यह भी बताया कि अभ्यास से दूर रहने के बावजूद उन्हें अपनी फिटनेस और खेल पर मेहनत करनी पड़ी। कोच और सहयोगी स्टाफ ने इस अवधि में उनकी मदद की, जिससे उन्हें दोबारा मैदान पर उतरने का अवसर मिला।
मैच में बंगाल ने दिल्ली को पहली पारी में 240 रन पर समेट दिया था। बंगाल की ओर से मोहम्मद शमी ने चार विकेट हासिल किए। इसके बाद दूसरी पारी में बंगाल ने दिन का खेल समाप्त होने तक तीन विकेट पर 304 रन बना लिए थे और दिल्ली पर 64 रन की बढ़त हासिल कर ली थी। पोरेल 114 रन बनाकर नाबाद थे, जबकि सुदीप घरमी ने भी नाबाद 122 रन बनाए। दोनों बल्लेबाजों के शतकों ने बंगाल को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
पोरेल की पारी में 13 चौके और एक छक्का शामिल रहा। वहीं, घरमी ने अपनी पारी में 17 चौके लगाए। दोनों के बीच चौथे विकेट के लिए महत्वपूर्ण साझेदारी हुई, जिसने बंगाल की स्थिति मजबूत की। अब टीम की नजर इस बढ़त को और आगे बढ़ाने पर थी। पोरेल के लिए यह शतक खेल में वापसी के साथ-साथ कठिन परिस्थितियों के बाद मैदान पर अपनी क्षमता दिखाने का महत्वपूर्ण अवसर रहा।
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