
नई दिल्ली। सबरीमला मंदिर से सोना गायब होने के मामले में मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी ने अपने खिलाफ दर्ज दूसरे मामले में जमानत के लिए अदालत में अर्जी दी है। उसने कोल्लम की विजिलेंस अदालत से वैधानिक जमानत की मांग की है। इससे पहले पोट्टी को द्वारपालक (रक्षक देवता) की मूर्तियों से सोना गायब होने के मामले में जमानत मिल चुकी है। अब उसने श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजों के फ्रेम से सोना गायब होने से जुड़े केस में भी जमानत मांगी है।
पोट्टी ने अपनी अर्जी में कहा है कि उसकी गिरफ्तारी के 90 दिन पूरे हो चुके हैं, लेकिन विशेष जांच दल अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाया है। ऐसे में कानून के तहत उसे जमानत का हक है। अदालत इस याचिका पर सोमवार को सुनवाई करेगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अगर जमानत मिलती है तो पोट्टी को जेल से रिहा कर दिया जाएगा।
एसआईटी के अनुसार, साल 2019 में द्वारपालक की सोने से मढ़ी मूर्तियों और श्रीकोविल के दरवाजों पर इलेक्ट्रोप्लेटिंग का काम पोट्टी की पहल पर कराया गया था। यह काम चेन्नई की एक कंपनी में हुआ था। जांच एजेंसी को शक है कि इसी दौरान सोना कम हुआ।
इस मामले में इससे पहले त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के दो अधिकारियों को जमानत मिल चुकी है। वहीं, पूर्व टीडीबी कार्यकारी अधिकारी डी. सुधीश कुमार की जमानत याचिका पर भी अदालत सुनवाई करेगी। कुमार दोनों मामलों में 90 दिन की न्यायिक हिरासत पूरी कर चुके हैं। वे एक मामले में तीसरे और दूसरे में पांचवें आरोपी हैं।
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