खरी-खरी

और बनो पठान….

अक्ल के अंधे लगाते हैं, खुद के गले में फंदे… चले थे पठान का विरोध करने, बालीवुड की सफल फिल्म बना डाला… पहले ही हफ्ते अरबों का मालिक बना डाला… ऐसा लगा जैसे विरोधियों ने फिल्म की सफलता की सुपारी ली थी… जो नहीं जाना चाहते थे… कथानक से लेकर एक्शन-डायरेक्शन को समझना चाहते थे… […]

खरी-खरी

बेचारा पाकिस्तान… जिंदा नाम… मुर्दा अवाम

उसके दर्द की दवा क्या है… जो दवा को भी दर्द का सामान बना डाले… सौंपी थी जिसे हंसती-खेलती भारत की धरती… उसे मौत और मुफलिसी का पाकिस्तान बना डाला… उस पर ना रोष ना आक्रोश आता है… लेकिन दया और करुणा से दिल भर जाता है, क्योंकि उस छोर पर वो लोग ही बसते […]

खरी-खरी

ग्लोबल-ग्लोबल सब करे लोकल समझे न कोय… जो लोकल का मान धरे तो ग्लोबल पीछे होय

गैरों पे करम…अपनों पे सितम… थोड़ा भी कर दो रहम तो लोकल ग्लोबल को मात देता नजर आएगा… मुख्यमंत्रीजी आपको दर-दर नहीं अपने ही दर पर पूरे प्रदेश का विकास नजर आएगा… संभावनाओं की सुर्खियां तो इस शहर में भी भरी पड़ी हैंं, लेकिन उनकी अपेक्षाएं आपके अपने अधिकारियों, नौकरशाहों और बाबुओं के पैरों तले […]

खरी-खरी

उम्मीदें टूटने का आक्रोश… इसलिए फट पड़ा रोष

वो उम्मीदों का आक्रोश था… चाहत थी.. मोदीजी को देखने… सुनने… झलक पाने और वक्त साझा करने की… इसलिए वे हजारों किलोमीटर लांघकर देश की हृदय स्थली मध्यप्रदेश के इंदौर शहर तक आए… सरकार का रजिस्ट्रेशन शुल्क चुकाया… यहां तक कि ठहरने… रुकने… खाने और आने-जाने का खर्च खुद ने उठाया… सरकार ने प्रवासियों के […]

खरी-खरी ब्‍लॉगर

हमारे शहर आओगे.. तो देश छोडऩे पर पछताओगे… पूरे देश का आईना इस शहर में पाओगे…

देश के एक बड़े शहर में तब्दील होते इंदौर शहर की रौनक में एक साथ तीन ख्यातियां उत्सव की सौगात बन रही हैं… इधर प्रवासी भारतीय आएंगे, उधर हम ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट मनाएंगे। इससे फारिग नहीं हो पाएंगे कि जी-20 के सम्मेलन में जुट जाएंगे… इन उत्सवों की धरा बना इंदौर रोशनी की दीपावली भी […]

खरी-खरी

उड़ाने रोको…देश को मत झोंको…

गर्दन झुकाने से तूफान नहीं थमते…दरवाजा बंद करने से कोहराम नहीं रुकते…मुसीबतों का मुकाबला मर्ज पहचानकर किया जाता है…पुरानी गलतियों को दोहराया नहीं जाता है…दो साल पहले चीन से उपजा कोरोना जब दुनिया में फैल रहा था तो हमारी सरकार ट्रंप की अगवानी में लगी थी और पलटवार के समय पश्चिम बंगाल के चुनावों में […]

खरी-खरी

फिर नादानी … अविश्वास प्रस्ताव मत लाओ… विश्वास का प्रस्ताव लेकर जनता के बीच जाओ…

अपनी-अपनी राह…अपनी-अपनी चाह…कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष गोविन्दसिंह के अविश्वास प्रस्ताव से पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के मुखिया कमलनाथ भी आंखे फेर ली…गोविन्दसिंह सदन में अपनी महत्ता साबित करना चाहते थे और कमलनाथ इसे उनकी नादानी मानते थे…कमलनाथ जानते है कि अविश्वास कांग्रेस का मत हो सकता है, लेकिन वह बहुमत में नहीं बदल सकता है…लिहाजा […]

खरी-खरी

राहुल के अब तक चले कदमोंकी यही है कहानी…इवेंट मैनेजमेंट तो हो गया… जुमला मैनेजमेंट अभी बाकी है…

मोदीजी को समझने में ही दस साल लग गए राहुल गांधी को…देश के प्रधानमंत्री के अध्यादेश को फाडऩे वाले राहुल अब सयाने हो गए हैं…मोदीजी की प्रताडऩा और शाह के चक्रव्यूह में घिरे राहुल ने सर पर रखा कांग्रेस का ताज उतारा और ऐसी सरपट दौड़ लगाई कि आधा समय भाजपाइयों को नए राहुल को […]

खरी-खरी

आउट करो ‘लिव इन’ को… बख्श दो शराफत के जीवन को

कानून के खंजर से अरमानों का खून… जब सभ्यता का कत्ल हो जाएगा… मर्यादा की मौत पर मातम मनाया जाएगा… संस्कृति का चीरहरण खुलेआम नजर आएगा… तब रिश्तों का जीवन कहां रह जाएगा… जब संविधान कानून के हाथों नोंचा जाएगा… फड़तुस कानून बनाकर समाज को रौंदा जाएगा… वर्षों से चली आ रही सामाजिक संस्कृति, परिपाटी, […]

खरी-खरी

मुकाबला मोदी से… और कांग्रेस के पास मच्छर तक नहीं

वक्त हर किसी का आता है…जो शिखर पर हो वो जमीन पर आता है… ताकि वक्त की ताकत और इंसान की हिमाकत का फैसला हो सके…यह वही कांग्रेस है, जिसके नाम में आजादी की जंग, विकास का रंग और विश्वास का संग था…साठ साल की अद्भुत सत्ता में कहीं गांधी, नेहरू और शास्त्रीजी के नामों […]