
उज्जैन। शहर में मिलावटी खाद्य सामग्री धड़ल्ले से बिक रही है और दुकानदारों को इसका भय नहीं हैं। नकली घी भी बन रहा है। त्यौहारों के समय पर तो सेम्पल लिए जाते हैं लेकिन वर्षभर कोई प्रभावी कार्रवाई प्रशासनिक अमला नहीं करता।
शहर में मिलावटी खाद्य सामग्री का जमकर खेल चल रहा है। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) की मोबाइल वैन के जरिए लिए गए सैंपल और उनके टेस्ट में 95 सैम्पल फेल हुए हैं। इसमें ज्यादातर घी और मसाले के मिले है। मसाले और घी में जमकर मिलावट हो रही है। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) की रिपोर्ट चौंकाने वाली बात यह है कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले दूध, मावा, पनीर और घी जैसे डेयरी प्रोडक्ट ही सबसे ज्यादा मिलावटी पाए गए हैं। यह पहली बार है जब मोबाइल वैन के संचालन से लेकर अब कर लिए गए एक लाख सैंपल की कंपाइल रिपोर्ट सामने आई है। राज्य के खाद्य सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार ग्वालियर जिले में 420 सैंपल फेल पाए गए। गुना में 110, उज्जैन 95, भिंड 90 और बुरहानपुर में 75 नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। शाजापुर, इंदौर, धार, रीवा, सागर, सीहोर और नरसिंहपुर सहित 30 से अधिक जिलों में मिलावट का जाल फैला हुआ है। जांच में दूध, पनीर, मावा, मिठाइयों और मसालों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार सिर्फ डेयरी ही नहीं, मसाले और खाद्य तेल भी मिलावट से अछूते नहीं हैं।
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