ढाका। बांग्लादेश में राजनीतिक बदलाव (Political change in Bangladesh) के बाद भारत और बांग्लादेश (India and Bangladesh) के संबंधों में फिर से सकारात्मक हलचल दिखाई देने लगी है। मोहम्मद यूनुस (Mohammad Yunus) के पद छोड़ने और तारिक रहमान (Tariq rehman) के प्रधानमंत्री बनने के बाद दोनों देशों के बीच जमी बर्फ पिघलती नजर आ रही है। इसी कड़ी में एक साल से अधिक समय से बंद पड़ी ढाका-आगरतला सीधी बस सेवा को फिर शुरू करने की दिशा में ट्रायल रन किया गया।
शुक्रवार को ढाका से करीब 155 किलोमीटर की दूरी तय कर एक लग्जरी बस अगरतला पहुंची और शनिवार को वापस लौट गई। अधिकारियों के अनुसार यह परीक्षण नई सरकार के निर्देश पर किया गया है। ट्रायल सफल रहने पर नियमित व्यावसायिक सेवा जल्द बहाल की जा सकती है।
2003 में शुरू हुई सेवा, तनाव के बाद बंद
ढाका-आगरतला बस सेवा की शुरुआत 2003 में दोनों पड़ोसी देशों के बीच संपर्क बढ़ाने के उद्देश्य से हुई थी। कोविड-19 महामारी के दौरान यह अस्थायी रूप से रुकी, फिर जून 2022 में दोबारा शुरू हुई। लेकिन अगस्त 2024 में शेख हसीना सरकार के हटने और द्विपक्षीय तनाव बढ़ने के बाद सेवा फिर बंद कर दी गई थी।
त्रिपुरा सरकार ने किया स्वागत
माणिक साहा ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि बांग्लादेश में निर्वाचित सरकार बनने से अनिश्चितता कम हुई है और यह दोनों देशों के रिश्तों के लिए अच्छा संकेत है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अन्य लंबित मुद्दों का समाधान भी जल्द निकलेगा।
वीजा सेवाओं के सामान्य होने की उम्मीद
सूत्रों के अनुसार बांग्लादेश भारतीय नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं पूरी तरह बहाल करने की तैयारी में है। चुनावों से पहले सुरक्षा कारणों से गैर-जरूरी यात्रा पर तकनीकी रोक लगा दी गई थी, हालांकि आपातकालीन और व्यावसायिक वीजा जारी होते रहे। अब हालात सामान्य होने के बाद वीजा प्रणाली को “रीस्टार्ट मोड” में लाया जा रहा है।
भारत ने भी रिश्तों को सामान्य बनाने की दिशा में पहल की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को फोन कर जीत की बधाई दी। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए, जबकि विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने भी आधिकारिक दौरा किया।
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी ढाका जाकर संवेदनाएं व्यक्त कीं, जब तारिक रहमान की मां और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया का निधन हुआ। इस दौरान उनकी मुलाकात जमात-ए-इस्लामी नेतृत्व से भी हुई।
कूटनीतिक संकेत: संपर्क बढ़े तो भरोसा लौटेगा
विशेषज्ञ मानते हैं कि परिवहन, वीजा और उच्चस्तरीय राजनीतिक संपर्क बहाल होना इस बात का संकेत है कि भारत और बांग्लादेश रिश्तों को फिर से सामान्य पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं।
ढाका-आगरतला बस सेवा का पुनः शुरू होना केवल परिवहन सुविधा नहीं, बल्कि विश्वास बहाली की दिशा में एक अहम कूटनीतिक कदम माना जा रहा है।
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