वाशिंगटन। डोनाल्ड ट्रंप (Donald trump) ने ईरान के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने खार्ग द्वीप पर हमला कर वहां मौजूद सभी सैन्य ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है।
ट्रंप के मुताबिक, इस हमले में द्वीप को भारी नुकसान पहुंचाया गया, लेकिन तेल पाइपलाइनों और ऊर्जा ढांचे को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ऐसा नहीं करना चाहता था, लेकिन जरूरत पड़ने पर यह विकल्प अब भी खुला है।
होर्मुज को लेकर सख्त चेतावनी
ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अगर ईरान या कोई अन्य पक्ष वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही में बाधा डालता है, तो अमेरिका तेल ढांचे पर भी हमला करने से पीछे नहीं हटेगा।
उनका कहना था कि ऐसी कार्रवाई महज कुछ मिनटों में की जा सकती है, लेकिन इसके असर लंबे समय तक रहेंगे।
ईरान की समुद्री क्षमता पर प्रहार का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिकी बलों ने 30 से अधिक माइन बिछाने वाले जहाजों और उनसे जुड़ी सैन्य सुविधाओं को नष्ट कर दिया है। इससे ईरान की जलडमरूमध्य में जहाजों को धमकी देने की क्षमता कमजोर हुई है।
दुनिया से समर्थन की अपील
ट्रंप ने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देशों से अपील की कि वे इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा के लिए अपने युद्धपोत भेजें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सहयोग नहीं मिला, तो नाटो के लिए भविष्य चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
उधर ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह जलडमरूमध्य की सुरक्षा को लेकर बातचीत के लिए तैयार है।
हालांकि फारस की खाड़ी, होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी में हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, संघर्ष शुरू होने के बाद से इस क्षेत्र में करीब 20 जहाजों पर हमले हो चुके हैं, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर खतरा बना हुआ है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved