
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भारत टैक्सी के ड्राइवरों से मुलाकात की. इन ड्राइवरों को “सारथी” नाम दिया. शाह ने कहा कि निजी एग्रीगेटर कंपनियों से उलट भारत टैक्सी अपने ड्राइवरों को सिर्फ सेवा देने वाला नहीं, बल्कि कंपनी का मालिक मानेगी. शाह ने कहा, भारत टैक्सी के ड्राइवर ही इसके मालिक हैं. हम चाहते हैं कि वे अच्छी कमाई करें. उन्होंने कहा कि निजी टैक्सी कंपनियां अपने मालिकों को अमीर बनाने के लिए बनाई गई हैं, लेकिन भारत टैक्सी का मकसद अलग है.
अमित शाह ने 5 फरवरी को इस ऐप को लॉन्च किया था. यह नई कैब सेवा सहकारी मॉडल पर बेस्ड है. इसका मकसद ड्राइवरों को बेहतर कमाई देना और ग्राहकों के लिए कम किराए पर टैक्सी की सुविधा उपलब्ध कराना है. भारत टैक्सी खुद को मौजूदा कैब कंपनियों जैसे Ola, Uber और Rapido के विकल्प के रूप में पेश कर रही है.
शाह ने बताया कि इसमें मालिक बनने के लिए ज्यादा पैसा नहीं लगेगा. उन्होंने कहा, हमारा उद्देश्य मालिक को समृद्ध बनाना है. फर्क सिर्फ इतना है कि आप ही मालिक हैं. आपको सिर्फ 500 रुपये निवेश करने हैं. यह 500 रुपये देने पर हर सारथी सहकारी संस्था का हिस्सा बन जाएगा. उसे फैसलों में बोलने का अधिकार और मुनाफे में हिस्सा मिलेगा. गिग इकॉनमी मॉडल में ड्राइवरों को ऐसा अधिकार नहीं मिलता.
शाह ने समझाया, मान लीजिए भारत टैक्सी 25 करोड़ रुपये कमाती है. उसमें से 20 प्रतिशत कंपनी के खाते में आपके हिस्से के रूप में जमा होगा. बाकी 80 प्रतिशत टैक्सी संचालन के आधार पर बांटा जाएगा. इसका मतलब है कि किराए के अलावा आपको मुनाफा भी मिलेगा. कंपनी के पास रहने वाला 20 प्रतिशत संचालन खर्च के लिए होगा और 80 प्रतिशत सीधे सारथियों को मिलेगा, ताकि ड्राइवरों की कमाई ज्यादा हो. शाह ने कहा कि पहले तीन साल धैर्य रखना होगा. अभी आपको तय किराया मिलता रहेगा, लेकिन आप मालिक हैं, इसलिए आपको मुनाफे में भी हिस्सा मिलेगा. यह हिस्सा आएगा, लेकिन पहले तीन साल इंतजार करना होगा.
शाह ने साफ कहा, भारत टैक्सी का उद्देश्य निजी कंपनी की तरह मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि लोगों को मजबूत बनाना है. इसके खाते पारदर्शी रहेंगे और आप देख सकेंगे. यह सहकारी सिद्धांतों पर चलेगी और आपका शोषण नहीं करेगी. उन्होंने कहा कि निजी कंपनियां अपने मालिक को अमीर बनाती हैं, जबकि भारत टैक्सी में मालिक खुद सारथी होंगे. भारत टैक्सी में सर्ज प्राइसिंग नहीं होगी. हर एक घंटे की बुकिंग में 10 किलोमीटर यात्रा शामिल होगी. इसके बाद ज्यादा दूरी के लिए 19 रुपये प्रति किलोमीटर और अतिरिक्त समय के लिए 2.50 रुपये प्रति मिनट लिया जाएगा. टोल, पार्किंग और राज्य परमिट का खर्च अलग से ड्राइवर को दिया जाएगा.
सरकार ड्राइवरों को कार लोन और बीमा की सुविधा भी देगी. ऐप के अंदर सपोर्ट सेवा भी होगी, जिससे सारथियों को सीधे मदद मिल सकेगी. कार्यक्रम में कुछ ड्राइवरों ने अपने अनुभव भी बताए. एक ड्राइवर ने कहा कि उसने जनवरी महीने में ही भारत टैक्सी से 20,000 रुपये कमाए. बिहार की एक महिला ड्राइवर ने बताया कि पति की मौत के बाद इस प्लेटफॉर्म ने उन्हें सम्मानजनक और स्थिर आय का साधन दिया.
फिलहाल भारत टैक्सी दिल्ली-NCR और गुजरात में सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध है. अगले तीन साल में इसे पूरे देश में शुरू किया जाएगा. भारत टैक्सी की सबसे बड़ी खास बात सस्ता किराया देने का वादा है. यह सेवा सहकारी मॉडल पर काम करती है, जिसमें हर ड्राइवर या सारथी के पास संस्था के पांच शेयर होते हैं. क्योंकि वे ऐप के मालिक हैं, इसलिए उन्हें हर राइड पर कोई कमीशन नहीं देना पड़ता. यह मॉडल Ola और Uber से अलग है और इससे यात्रियों को सस्ता किराया मिल सकता है. हालांकि, ड्राइवरों को मोबाइल ऐप इस्तेमाल करने के लिए रोजाना 30 रुपये की तय फीस देनी होगी.
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