52 जिलों के डॉक्टर और स्वास्थ्य अधिकारी फिर होंगे लामबंद

  • ढाई महीने बीते, नहीं जागी सरकार
  • आज 200 चिकित्सक करेंगे मंत्रणा

इंदौर (Indore)। फरवरी में तीन दिन हड़ताल पर रहे डाक्टरों की मांगे पूरी नहीं होने के बाद एक बार डाक्टर अपनी मांगें मनवाने के लिए हड़ताल पर जा सकते हैं। आज दोपहर बाद चिकित्सकों ने 52 जिलों के पदाधिकारियों का महासंघ सम्मेलन (federation convention) बुलाया है। यदि अब भी नहीं जागी सरकार तो हड़ताल हो सकती है।

27 जनवरी से मध्यप्रदेश के शासकीय स्वशासी चिकित्सक महासंघ (Government Autonomous Medical Association) द्वारा निकाली गई चिकित्सा बचाव चिकित्सक बचाव संपर्क यात्रा के लगभग ढाई महीने बीत जाने के बावजूद भी सरकार द्वारा कोई निर्णायक स्थिति तक मांगों को नहीं पहुंचाने के विरोध में एक बार फिर 52 जिलों के डाक्टर लामबंद होने जा रहे हैं। आज होने वाले चिकित्सक महासंघ सम्मेलन के बाद 52 जिलों के डाक्टर एक फिर सरकार की नीति के विरोध में खड़े होंगे। 13 मेडिकल कालेजों के चिकित्सा चिकित्सक संघ के अधिकारी, ईएसआई अधिकारी, ईएसआई डाक्टर एसोसिएशन के पदाधिकारी, गैस राहत चिकित्सक संघ गृह विभाग के चिकित्सा अधिकारी व मेेडिकल एसोसिएशन के साथ मिलकर आज रणनीति तैयार करने वाले हैं।

ज्ञात हो कि ग्वालियर से चिकित्सकों ने 6 हजार किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा निकालकर पूरे प्रदेश के जिलों की चिकित्सकीय सेवा और समस्याओं का खाका तैयार किया था, उसके बाद से स्वास्थ्य विभाग के मंत्री और सचिव से बैठक भी की थी। उसके बाद मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान से मुलाकात और मिले आश्वासन के बाद 17 फरवरी को आन्दोलन वापस ले लिया, लेकिन लम्बा समय बीत जाने के बावजूद भी सरकार अब तक कोई निर्णय पर नहीं पहुंची है।

सात दिन का अल्टीमेटम
मेडिकल आफिसर एसोसिएशन मध्यप्रदेश के अध्यक्ष डा. माधव असानी ने बताया कि वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा, चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग एवं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी से मुलाकात कर निराकरण करने की गुजारिश की गई है, लेकिन उसके बावजूद भी कोई निर्णायक स्थिति निर्मित नहीं हो रही है। अब लगभग 10000 से अधिक डाक्टरों में असमंजस व रोष है, इसलिए बैठक के बाद आन्दोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

Leave a Comment