
जबलपुर। बलात्कार के एक प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध झूठे शपथ पत्र के आधार पर न्यायालय में अग्रिम जमानत का आवेदन पेश करने का एक अनोखा मामला सामने आया है। थाना मझौली में दिसंबर में दर्ज हुए अपराध क्रमांक 555/2022 में आरोपी प्रमोद पटेल पिता बैजनाथ पटेल और राज पटेल निवासी सुहागी की ओर से एक आवेदन पत्र पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सौंपा गया है जिसमें शिकायत की गई है कि उनका अग्रिम जमानत का आवेदन पत्र फर्जी शपथ पत्र के आधार पर न्यायालय में लगाया गया था जिसकी सुनवाई 19 जून को थी।
सूचना मिलने पर 19 जून को ही आरोपियों की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई जिनमें उनके अधिवक्ता आलोक तिवारी द्वारा प्रकरण में नोट प्रेस करवा लिया गया था। उसके बाद अपर सत्र न्यायाधीश के समक्ष दोबारा झूठा शपथ पत्र पेश कर अग्रिम जमानत का आवेदन पेश कर दिया गया खास बात यह है कि हर बार झूठा शपथ पत्र पेश किया जाता है प्रकरण की सुनवाई में झूठा आपत्तिकर्ता, झूठा आपत्ती लेने वाला वकील नियुक्त हो जाता है। ऐसे में एक गिरोह लंबे समय से युवाओं को बलात्कार जैसे संगीन मामले में फंसा कर रुपए ऐंठने के काम में लगा है। पूरे मामले की विधिवध शिकायत पुलिस अधीक्षक जबलपुर से की गई है।
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