
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने गुरुवार को आसियान (ASEAN) देशों के रक्षा मंत्रियों की मीटिंग में बायो-टेररिज्म यानी जैविक आतंकवाद का मुद्दा (the issue of bio-terrorism) उठाया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि यह समय है जब हमें जैविक-आतंकवाद के खतरों से निबटने और महामारियों से निबटने की कोशिशें जारी रखनी होगी।
रक्षा मंत्री के मुताबिक इस समय नियमों पर आधारित क्रम पर खतरा है, मैरिटाइम सिक्योरिटी, साइबर आतंकवाद और आतंकवाद का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। ये आज भी सबके लिए बड़ी चुनौती हैं जबकि सभी इस मंच पर इकट्ठा हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि आसियान के रक्षा मंत्रियों की मीटिंग का यह 10वां वर्ष है। इसे ADMM-PLUS मीटिंग का नाम दिया गया है। इसमें आठ देश शामिल हैं जिनमें ऑस्ट्रेलिया, चीन, भारत, जापान, न्यूजीलैंड, कोरिया, रूस और अमेरिका शामिल हैं और इन्हें प्लस कंट्रीज के तौर पर कहा जाता है। इसका मकसद क्षेत्र में शांति और स्थिरता की दिशा में आपसी रक्षा सहयोग को बढ़ावा देना है। अपने संबोधन में रक्षा मंत्री ने पिछले एक दशक में हासिल उपलब्धियों का भी जिक्र किया है।
उन्होंने इस दौरान रणनीतिक वार्ता के जरिए बहुपक्षीय सहयोग में इजाफा होना और सुरक्षा सहयोग का जिक्र किया। राजनाथ सिंह ने कहा, ‘ADMM पिछले एक दशक में शांति, स्थिरता और नियमों पर आधारित क्रम की दिशा में एक अहम मंच बन गया है।’
उन्होंने यह भी कहा कि गतिविधियों में आत्म संयम जरूरी है और उन एक्शन से बचना जिनसे स्थितियां जटिल हों, क्षेत्र में लंबे समय तक शांति कायम करने के लिए बहुत जरूरी हैं। साल 2019 में राजनाथ सिंह ने थाइलैंड की राजधानी बैंकॉक में इस मीटिंग को अटेंड किया था। उस समय उन्होंने रक्षा और सुरक्षा पर आयोजित एक प्रदर्शनी में भी हिस्सा लिया था।
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