
ढाका। बांग्लादेश (Bangladesh) की एक अदालत ने आज एक बड़ा फैसला सुनाया है। साल 2000 में प्रधानमंत्री शेख हसीना ( Prime Minister Sheikh Hasina )की हत्या के प्रयास(conspired to kill) के लिए अदालत ने 14 इस्लामी आतंकियों (14 terrorists)को सजा सुनाई(court sentenced) है। दोषियों ने साल 2000 में हसीना को मारने की साजिश रची थी।
बता दें कि इसके पहले साल 2017 में प्रधानमंत्री शेख हसीना की हत्या के प्रयास में दस आतंकवादियों को मौत की सजा सुनाई जा चुकी है। अन्य दोषियों 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी।
बताते चलें कि साल 2000 में बांग्लादेश के दक्षिण-पश्चिम स्थित गोपालगंज में हसीना के पुश्तैनी गांव के एक खुले मैदान में अति-शक्तिशाली विस्फोटक डिवाइस का इस्तेमाल कर इनके हत्या की साजिश रची गई थी। पीएम शेख हसीना वहां एक जनसभा को संबोधित करने वाली थीं। हालांकि, सुरक्षा अधिकारियों ने जनसभा होने से पहले ही बम का पता लगा लिया था और पीएम की जनसभा में एक बड़ा दर्दनाक हादसा होने से बचा लिया था।
तब जांच के बाद पता चला था कि हर्कतुल जिहाद-ए-इस्लामी बांग्लादेश (हूजी) का सरगना मुफ्ती हन्नान इस साजिश का मास्टरमाइंड था। हन्नान को बांग्लादेशी मूल के तत्कालीन ब्रिटिश उच्चायुक्त की हत्या के प्रयास के मामले में साल 2017 की की शुरूआत में फांसी दे दी गई थी।
वहीं, विशेषाधिकार कानून के मामले में 25 संदिग्धों को दोषी बनाया गया। इनमें से नौ को 20-20 साल कैद की सजा सुनाई गई और 20-20 हजार टका का जुर्माना लगाया गया था। वहीं, इस मामले में चार लोगों को बरी कर दिया गया था।
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