
डेस्क: लखनऊ सुपर जायंट्स के स्पिनर गेंदबाज दिग्वेश राठी IPL 2025 में एक नया सितारा बनकर उभरे हैं. इस सीजन में डेब्यू करने के बाद उन्होंने अब तक 7 मैचों में 9 विकेट लेकर सबका ध्यान खींचा है. जहां एक ओर उनके प्रदर्शन की सराहना हो रही है, वहीं उनके अनोखे नोटबुक सेलिब्रेशन ने भी चर्चा बटोरी है. BCCI ने उन पर दो बार जुर्माना लगाया था, लेकिन अब बोर्ड को अपने नियमों में ढील देनी पड़ी है. रिपोर्ट के मुताबिक BCCI ने IPL के अंपायरों को खिलाड़ियों के जश्न मनाने के मामले में थोड़ा नरम रुख अपनाने के लिए कहा है.
रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI ने हाल ही मेंआईपीएल अंपायरों की समीक्षा बैठकमें खिलाड़ियों केसेलिब्रेशन पर नरम रुख अपनाने के निर्देश दिएय यह फैसला दिग्वेश राठी के मामले में फैंस के गुस्से और सोशल मीडिया पर आलोचना के बाद लिया गया. बोर्ड ने महसूस किया कि विकेट लेने के बाद जश्न मनाने के तरीके पर ज्यादा सख्ती अनावश्यक है. यानि अब राठी बिना डर के अपने स्टाइल में जश्न मना सकेंगे.
दिग्वेश राठी ने पहली बार पंजाब किंग्स के युवा ओपनर प्रियांश आर्या का विकेट लेने के बाद नोटबुक सेलिब्रेशन किया था. इसके लिए वो उनके पास चले गए थे. बाद में उन पर मैच फीस का 25% (375000 रुपये) का जुर्माना लगाया गया था. साथ ही 1 डिमेरिट पॉइंट भी दिया गया था. वहीं मुंबई इंडियंस के खिलाफ नमन धीर को आउट करने के बाद भी उन्होंने फिर से इसे दोहराया था.
इस बार उनकी मैच फीस पर 50% (562500 रुपये) जुर्माना लगाया गया और 2 डिमेरिट पॉइंट दिए गए. दो बार सजा मिलने के बाद उन्होंने अपने सेलिब्रेशन में बदलाव किया और हाथ के बजाय घास पर लिखकर जश्न मनाने लगे. तब उन पर कोई जुर्माना नहीं लगा. ऐसा इसलिए क्योंकि BCCI ने अंपायरों से थोड़ी नरमी बरतने को कहा था.
दिग्वेश राठी ने नोटबुक सेलिब्रेशन का राज खोला है. उन्होंने भारतीय दिग्गज और कमेंटेटर सुनील गावस्कर को बताया कि इससे उन्हें प्रेरणा मिलती है. इसलिए इस अंदाज में वो जश्न मनाते हैं. इस पर गावस्कर ने उन्हें सलाह दिया कि अगर इससे बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है, तो ठीक है. लेकिन उन्हें किसी भी खिलाड़ी का अपमान नहीं करना चाहिए.
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